Monday , 5 October 2026

शाहरुख खान हों या अजय देवगन, किसी को नहीं छोड़ेंगे! विमल इलायची विज्ञापन विवाद में FDA चीफ तुकाराम मुंढे का सख्त रुख

मनोरंजन डेस्क: विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई के बीच एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को दिए बयान में उन्होंने साफ कहा कि विज्ञापन से जुड़े नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने शाहरुख खान और अजय देवगन समेत चर्चित हस्तियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि विज्ञापन से जुड़े सभी पक्ष जवाबदेह हैं।

मुंढे ने कहा कि एफडीए सरोगेट उत्पादों के प्रचार से जुड़े मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग के पोर्टल पर मिली शिकायतों में से एक महीने के भीतर 8,000 से अधिक शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है।

शाहरुख, अजय और टाइगर श्रॉफ को नोटिस

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने हाल ही में अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन में शामिल होने को लेकर कारण बताओ नोटिस और अंतिम चेतावनी जारी की थी।

एफडीए के अनुसार प्रथम दृष्टया यह विज्ञापन प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार के दायरे में आता है। इसी आधार पर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया है।

कंपनी के पुराने रिकॉर्ड का भी किया जिक्र

तुकाराम मुंढे ने कहा कि विमल के विज्ञापन की प्रतिबंधित उत्पाद के संभावित सरोगेट विज्ञापन के तौर पर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित कंपनी पहले गुटखा बेचती हुई पाई गई थी।

एफडीए आयुक्त ने कहा कि विज्ञापन तैयार करने, उसमें किए गए दावों को प्रकाशित करने या विज्ञापन को प्रायोजित करने से जुड़े सभी लोगों पर नियम लागू होते हैं। उनके मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया में शामिल प्रत्येक पक्ष अपनी भूमिका के लिए जवाबदेह है।

2012 से महाराष्ट्र में लागू है प्रतिबंधात्मक आदेश

मुंढे ने कहा कि चर्चित हस्तियों वाले विज्ञापनों के खिलाफ एफडीए की कार्रवाई भ्रामक दावों से संबंधित नियमों के आधार पर की जा रही है। इसमें सरोगेट विज्ञापन भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में गुटखा, पान मसाला और संबंधित तंबाकू उत्पादों के खिलाफ 2012 से प्रतिबंधात्मक आदेश लागू है। इसी संदर्भ में विमल के एक उत्पाद के विज्ञापन की भी जांच की जा रही है।

तंबाकू उत्पादों के अलावा दूसरे विज्ञापनों पर भी नजर

एफडीए आयुक्त ने कहा कि विभाग केवल तंबाकू से जुड़े उत्पादों तक सीमित नहीं है। अन्य उत्पादों के विज्ञापनों की भी जांच की जा रही है। जहां भ्रामक दावे या नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि कई उत्पाद फिलहाल जांच और समीक्षा के दायरे में हैं। खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल को लेकर भी विभाग सख्ती बरत रहा है। बेकरी उत्पादों, केक, चाइनीज फूड और अन्य खाद्य पदार्थों में निर्धारित सीमा से अधिक कृत्रिम रंग पाए जाने पर नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

एक महीने में 8 हजार से ज्यादा शिकायतों का निपटारा

तुकाराम मुंढे ने बताया कि एफडीए के पोर्टल पर उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ उसकी स्थिति पर नजर भी रख सकते हैं। विभाग भी शिकायतों की प्रगति की निगरानी करता है।

उन्होंने बताया कि पोर्टल पर अब तक 9,000 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पोर्टल शुरू हुए करीब एक महीना हुआ है और इस अवधि में 8,000 से अधिक शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है। करीब 700 से 800 शिकायतों पर अभी कार्रवाई जारी है।

 

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