
मनोरंजन डेस्क: अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘लव लॉटरी’ का टीजर रिलीज हो गया है। क्राइम और सस्पेंस से भरपूर यह सामाजिक ड्रामा रिश्तों, शादी, कानूनी विवाद, एलिमनी और महिलाओं के पक्ष में बनाए गए कानूनों के कथित दुरुपयोग जैसे संवेदनशील मुद्दों को सामने लाता है। टीजर में पुरुष अधिकारों से जुड़े सवालों को भी प्रमुखता दी गई है। फिल्म 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
टीजर में रिश्ते और कानूनी विवाद की झलक
38 सेकंड के टीजर की शुरुआत प्यार, शादी और भरोसे से जुड़े रिश्तों के साथ होती है। कहानी आगे बढ़ने के साथ ये रिश्ते कानूनी और आर्थिक विवादों में उलझते दिखाई देते हैं। फिल्म का नाम ‘लव लॉटरी’ भी इसी परिस्थिति की ओर संकेत करता है, जहां प्यार और भरोसे से शुरू हुआ रिश्ता आगे चलकर ऐसी स्थिति में पहुंच जाता है, जिसमें जिंदगी किसी अनिश्चित खेल जैसी लगने लगती है।
टीजर में अक्षय ओबेरॉय, हेली दारूवाला और फिल्म के अन्य कलाकार गंभीर और भावनात्मक परिस्थितियों में दिखाई देते हैं। अक्षय ओबेरॉय का किरदार कई सवालों और उलझनों के बीच फंसा नजर आता है, जबकि दूसरे किरदारों की रहस्यमयी मौजूदगी कहानी में सस्पेंस बढ़ाती है।
कोर्टरूम के सीन ने बढ़ाई उत्सुकता
टीजर का सबसे प्रभावशाली हिस्सा उसका आखिरी दृश्य है। कोर्टरूम में हथौड़े की आवाज के साथ अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई देती है। इसके बाद कई सवाल अनसुलझे छोड़ दिए जाते हैं।
टीजर के अंतिम हिस्से में पुरुष अधिकारों का मुद्दा भी सामने आता है। इससे कहानी में कानूनी लड़ाई के साथ भावनात्मक और सामाजिक टकराव का संकेत मिलता है।
अक्षय ओबेरॉय ने कहा- ऐसे मुद्दों पर बात करने से पुरुष हिचकते हैं
अभिनेता अक्षय ओबेरॉय के मुताबिक, फिल्म उन मुद्दों को सामने लाती है जिन पर समाज में कई पुरुष खुलकर बात करने में हिचकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ कानूनों के कथित दुरुपयोग से समाज के एक वर्ग को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी परिस्थितियों का असर केवल पुरुष तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी मां, बहन या उसके करीब रहने वाली किसी महिला पर भी पड़ सकता है।
निर्देशक बोले- किसी एक जेंडर को दोषी ठहराना मकसद नहीं
निर्देशक अरविंद पांडे के अनुसार, ‘लव लॉटरी’ एक संवेदनशील और कम चर्चा में आने वाले विषय को अपराध, रहस्य और भावनाओं के जरिए दर्शकों के सामने रखने की कोशिश है।
उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य किसी एक जेंडर को निशाना बनाना या दोषी ठहराना नहीं है। कहानी के जरिए यह सवाल उठाया गया है कि जब कानून, रिश्ते और निजी विवाद एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं तो परिस्थितियां किस दिशा में जा सकती हैं।
निर्माता और लेखक ने भी बताई फिल्म की खासियत
निर्माता कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ ने कहा कि फिल्म की कहानी को मनोरंजक अंदाज में पेश करने के साथ दर्शकों के सामने कुछ ऐसे सवाल रखने की कोशिश की गई है, जिन पर वे फिल्म देखने के बाद खुद विचार कर सकें।
लेखक अंकुर खत्री के मुताबिक, फिल्म का विषय बेहद संवेदनशील है और इसे संतुलित तथा परिपक्व तरीके से प्रस्तुत करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी। कहानी यह दिखाने की कोशिश करती है कि प्यार, भरोसा और शादी जैसे रिश्ते कभी-कभी ऐसे मोड़ पर पहुंच सकते हैं, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की होती।
कौन-कौन कलाकार आएंगे नजर?
सिनेमा गंज फिल्म्स के बैनर तले कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ द्वारा निर्मित इस फिल्म का निर्देशन अरविंद पांडे ने किया है। कहानी और पटकथा अंकुर खत्री ने लिखी है।
फिल्म में अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला मुख्य भूमिकाओं में हैं। इनके अलावा कबीर दुहान सिंह, विजयंत कोहली, हेमंत पांडे, इंदिरा कृष्णन, संतोष शुक्ला, विक्रम शर्मा, अग्नि अग्यारी, कुमार सौरभ, अश्वंत लोधी और अर्शदीप संधू भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी नवीन वी. मिश्रा ने की है। संगीत वरुण मिश्रा और अरविंद पांडे का है, जबकि संपादन प्रकाश झा ने किया है।
18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी फिल्म
‘लव लॉटरी’ का टीजर रिश्तों की जटिलता, कानूनी विवाद, भावनात्मक टकराव और पुरुष अधिकारों से जुड़े सवालों की झलक देता है। हालांकि, कहानी में कौन सही है और कौन गलत, इसका जवाब फिल्म की रिलीज के बाद ही सामने आएगा। फिल्म 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
Navyug Samachar