Saturday , 3 October 2026

उज्जैन में शाही मस्जिद हटाने पहुंची टीम पर पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले; 2000 जवान तैनात, हाई कोर्ट में आज सुनवाई

मध्य प्रदेश डेस्क: उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद का एक हिस्सा हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को सोमवार को विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शन कर रही भीड़ और पुलिस के बीच झड़प हो गई और पुलिस पर पथराव किया गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। घटना में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

पिछले दो दिनों से जारी है विरोध प्रदर्शन

शाही मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और मुस्लिम समाज के लोगों की भीड़ मस्जिद के बाहर जुटने लगी थी। इसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। शुरुआती दौर में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन रविवार रात पुलिस बल के साथ जेसीबी और पोकलैंड मशीनें मौके पर पहुंचीं तो स्थिति बिगड़ गई।

रविवार रात काफी देर तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद भीड़ को शांत कराया गया। रातभर चले तनाव के बाद प्रशासन को उम्मीद थी कि सोमवार सुबह लोग खुद आगे आकर सहमति जताएंगे और मस्जिद के विवादित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

इलाके में 2000 पुलिसकर्मी तैनात

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में करीब 2000 पुलिस जवानों की तैनाती की है। मस्जिद के आसपास करीब 500 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी गई है। विरोध प्रदर्शन में महिलाओं की भी मौजूदगी देखी गई।

हालांकि, सोमवार को एक बार फिर हालात बिगड़ गए। प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण की योजना

सिंहस्थ के मद्देनजर कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इस सड़क चौड़ीकरण की जद में कुल सात धार्मिक स्थल आ रहे थे। इनमें से ज्यादातर धार्मिक स्थलों को लोगों की सहमति से हटाया जा चुका है।

हालांकि, खड़े हनुमान मंदिर से गोपाल मंदिर तक के हिस्से में एक मजार, खड़े हनुमान मंदिर और शाही मस्जिद को हटाने का मुद्दा विवाद का कारण बना हुआ है।

शाही मस्जिद को बचाने के लिए हाई कोर्ट पहुंचा एक गुट

मामले को लेकर कानूनी लड़ाई भी जारी है। सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही शाही मस्जिद को बचाने के लिए मुस्लिम समाज का एक गुट इंदौर हाई कोर्ट पहुंचा है। मामले पर सोमवार को अहम सुनवाई होनी है। ऐसे में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ इस विवाद पर अदालत में होने वाली सुनवाई पर भी नजर रहेगी।

 

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