
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बीच चल रही बयानबाजी में अब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री हो गई है। ओवैसी ने दोनों नेताओं को अलग-अलग सीटों से चुनाव लड़ने की चुनौती देते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ संभल से और अखिलेश यादव गोरखपुर से चुनाव लड़ें। उन्होंने दावा किया कि दोनों को हराने की जिम्मेदारी उनकी है।
ओवैसी के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है। उनके बयान के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
अयोध्या सीट को लेकर शुरू हुई थी सियासी बयानबाजी
दरअसल, हाल ही में अयोध्या पहुंचे अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। इसके जवाब में योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर अखिलेश यादव अयोध्या से चुनाव लड़ते हैं तो वह भी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा था कि इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। इसके बाद अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा था कि अयोध्या की जनता सबका पानी उतार देगी।
इसी सियासी बयानबाजी के बीच अब असदुद्दीन ओवैसी ने दोनों नेताओं को चुनावी मैदान में उतरने की चुनौती देकर नया मुद्दा खड़ा कर दिया है।
’80 बनाम 20 नहीं, 99 बनाम 1 प्रतिशत की होगी लड़ाई’
असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को आजमगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने गरीबी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए प्रदेश के 2024-25 के आंकड़ों का हवाला दिया और दावा किया कि गरीबों की संख्या के मामले में आजमगढ़ प्रदेश में चौथे स्थान पर है।
ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आने वाली राजनीतिक लड़ाई 80 प्रतिशत बनाम 20 प्रतिशत की नहीं, बल्कि 99 प्रतिशत बनाम एक प्रतिशत की होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक प्रतिशत लोगों के साथ खड़े हैं, जबकि वह 99 प्रतिशत लोगों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति का मुद्दा आर्थिक असमानता और आम लोगों से जुड़े सवाल होने चाहिए।
क्या है योगी आदित्यनाथ का 80 बनाम 20 वाला बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर 80 बनाम 20 का फॉर्मूला बताया था। उन्होंने कहा था कि यह लड़ाई फिर से 80 और 20 की होने जा रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि 80 प्रतिशत लोग NDA के साथ हैं और 20 प्रतिशत PDA के साथ हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि PDA का क्या हाल होने वाला है, यह जनता के सामने फिर आएगा।
अब ओवैसी के 99 बनाम 1 प्रतिशत वाले बयान ने उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में एक नया सियासी विमर्श शुरू कर दिया है।
Navyug Samachar