
नई दिल्ली: यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट ने करीब आठ साल पुराने आपराधिक मानहानि मामले में जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला उनके ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट 2’ वीडियो से जुड़ा है, जिसे लेकर वर्ष 2018 में शिकायत दर्ज कराई गई थी। अदालत ने यह कदम तब उठाया, जब ध्रुव राठी के पते पर भेजे गए नए समन की तामील नहीं हो सकी। मामले में अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।
क्या है पूरा मानहानि मामला?
ध्रुव राठी के खिलाफ यह शिकायत विकास पांडे ने वर्ष 2018 में दर्ज कराई थी। विवाद उनके ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट 2’ शीर्षक वाले वीडियो को लेकर है। शिकायतकर्ता ने वीडियो के संबंध में आपराधिक मानहानि के आरोप लगाए थे। फिलहाल अदालत में इसी शिकायत पर सुनवाई जारी है।
बीते 12 अक्टूबर को अदालत ने ध्रुव राठी के खिलाफ नए समन जारी करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रोसेस सर्वर की रिपोर्ट में बताया गया कि उनके आवास पर ताला लगा हुआ था, जिसके चलते समन की तामील नहीं हो सकी। रिपोर्ट सामने आने के बाद अदालत ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया।
ऑस्ट्रिया में रहने का दिया गया हवाला
12 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया था कि ध्रुव राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं और फिलहाल भारत आए हुए हैं। शिकायतकर्ता ने उनकी भारत यात्रा को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से जोड़ते हुए नए समन जारी करने की मांग की थी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, ध्रुव राठी के विदेश में रहने के कारण पिछले कई वर्षों से उन्हें समन पहुंचाने में परेशानी आ रही है। अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता लंबे समय से समन की तामील कराने का प्रयास कर रहा है।
2019 में पहली बार जारी हुआ था समन
अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, ध्रुव राठी को इस मामले में पहली बार 23 जुलाई 2019 के आदेश के तहत समन जारी किया गया था। इसके बाद भी समन की तामील को लेकर प्रक्रिया जारी रही। अब जमानती वारंट जारी होने से यह पुराना मानहानि मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लेने का भी मामला
हाल ही में दिल्ली में विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में भी ध्रुव राठी को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। जानकारी के मुताबिक, 10 अक्टूबर को करीब 50 पुलिसकर्मी सेक्टर-56 स्थित उनके आवास पहुंचे थे और उन्हें हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने इसे एहतियाती कार्रवाई बताया था। पुलिस के मुताबिक, राजधानी में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी।
31 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी होने के बाद अब इस मामले में 31 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी। अदालत में आगे की कार्यवाही के दौरान मामले से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रहेगी।
Navyug Samachar