
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रथयात्रा क्षेत्र स्थित निर्माणाधीन होटल पर कार्रवाई करने पहुंची वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) की टीम को शुक्रवार सुबह विरोध के बाद वापस लौटना पड़ा। रोप-वे स्टेशन के पास स्थित होटल को ध्वस्त करने के लिए अधिकारी बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थे। इसी दौरान होटल प्रबंधन और अधिवक्ताओं ने कार्रवाई पर आपत्ति जताई। करीब एक घंटे तक चली बहस के बाद प्रबंधन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिलने की जानकारी दी। संबंधित दस्तावेज देखने के बाद टीम बिना ध्वस्तीकरण किए लौट गई। होटल प्रबंधन ने फिलहाल निर्माण कार्य बंद रखने की बात कही है।
बेसेंट थियोसॉफिकल सोसायटी की जमीन पर हो रहा निर्माण
रथयात्रा क्षेत्र में निर्माणाधीन होटल का निर्माण दयाल ग्रुप करा रहा है। इसके लिए बेसेंट थियोसॉफिकल सोसायटी ने जमीन 30 साल की लीज पर दी है। होटल के निर्माण को लेकर विवाद सामने आने के बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण ने इसे अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया था।
शुक्रवार सुबह वीडीए सचिव डॉ. वेदप्रकाश मिश्र के नेतृत्व में अधिकारी बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही होटल प्रबंधन के लोगों और कई अधिवक्ताओं ने विरोध जताया। इसके बाद अधिकारियों और प्रबंधन के बीच काफी देर तक बहस चली।
पहले नक्शा मंजूर, फिर निरस्त करने से बढ़ा विवाद
होटल के निर्माण को लेकर विवाद की एक प्रमुख वजह नक्शे की मंजूरी भी है। जानकारी के मुताबिक, वीडीए ने शुरुआत में होटल का नक्शा स्वीकृत किया था। हालांकि, जमीन से जुड़े विवाद के सामने आने के बाद प्राधिकरण ने मंजूरी निरस्त कर दी। इसके बाद निर्माण को अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई।
करीब दो सप्ताह पहले प्राधिकरण ने होटल प्रबंधन को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने की बात सामने आई। शुक्रवार को जब टीम कार्रवाई करने पहुंची, तो होटल प्रबंधन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्थगन आदेश का हवाला दिया। दस्तावेज देखने के बाद अधिकारियों ने कार्रवाई रोक दी और मौके से लौट गए।
सांसद और विधायक भी उठा चुके हैं मामला
होटल निर्माण से जुड़ा विवाद राजनीतिक स्तर पर भी उठाया जा चुका है। चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान इस मामले को उठाया था। वहीं, जमानिया के विधायक ओमप्रकाश सिंह भी उत्तर प्रदेश विधानसभा में इस मुद्दे को उठा चुके हैं।
अब आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिलने की जानकारी के बाद वीडीए की टीम फिलहाल बिना कार्रवाई किए लौट गई है। होटल प्रबंधन ने भी निर्माण कार्य रोकने की बात कही है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के आदेश, जमीन से जुड़े विवाद और निर्माण की वैधता पर होने वाले निर्णय के आधार पर तय होगी।
Navyug Samachar