Sunday , 9 August 2026

अमरनाथ यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का महासैलाब! सिर्फ 2 दिन में 32,313 श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

नेशनल डेस्क: पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। यात्रा के पहले दो दिनों में ही 32,313 श्रद्धालु हिमालय की दुर्गम वादियों में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचकर बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। शुरुआती आंकड़े इस वर्ष यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी और बेहतर व्यवस्थाओं की ओर संकेत कर रहे हैं।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यात्रा के दूसरे दिन अकेले 20,145 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में दर्शन किए। यह संख्या पिछले वर्ष यात्रा के दूसरे दिन पहुंचे 14,515 श्रद्धालुओं की तुलना में काफी अधिक रही।

दूसरे दिन इतने श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

दूसरे दिन दर्शन करने वालों में 14,611 पुरुष, 4,480 महिलाएं, 379 बच्चे, 142 साधु, 35 साध्वियां, 17 ट्रांसजेंडर श्रद्धालु और 481 सुरक्षा कर्मी शामिल रहे। पहले और दूसरे दिन के आंकड़ों को मिलाकर अब तक कुल 32,313 श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।

6,731 श्रद्धालुओं के साथ चौथा जत्था हुआ रवाना

यात्रा का चौथा जत्था सोमवार तड़के जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। इस जत्थे में 6,731 श्रद्धालु शामिल हैं, जो 291 वाहनों के जरिए कश्मीर घाटी के लिए निकले।

इनमें 4,131 श्रद्धालु 139 वाहनों से पारंपरिक पहलगाम मार्ग के जरिए यात्रा करेंगे, जबकि 2,590 श्रद्धालु 152 वाहनों के माध्यम से बालटाल मार्ग से पवित्र गुफा तक पहुंचेंगे। बालटाल मार्ग अपेक्षाकृत छोटा माना जाता है, जबकि पहलगाम मार्ग अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं की पहली पसंद बना हुआ है।

क्या है अमरनाथ गुफा का धार्मिक महत्व?

श्री अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म की सबसे प्रमुख और पवित्र तीर्थ यात्राओं में गिनी जाती है। समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस पवित्र गुफा में हर वर्ष प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य इसी गुफा में सुनाया था। इसी कारण इस तीर्थ का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है।

यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम

यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने दोनों मार्गों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। भारतीय सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे यात्रा मार्ग पर तैनात हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चिकित्सा शिविर, ऑक्सीजन केंद्र, आपदा राहत दल, हेल्प डेस्क, लंगर, विश्राम स्थल और संचार सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही मौसम और यात्रा मार्ग की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

 

Check Also

अतीक के बेटे अबान के जनाजे में उमड़ी भारी भीड़, बैरिकेडिंग टूटी; लखनऊ जेल से उमर और झांसी से अली भी पहुंचे

यूपी डेस्क: प्रयागराज में शनिवार को माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान के जनाजे के …