Wednesday , 9 September 2026

असम बाढ़ में सेना का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, 27 ग्रामीणों को मौत के मुंह से निकाला; राहत सामग्री भी पहुंचाई

नेशनल डेस्क: असम में बाढ़ का कहर लगातार जारी है। इसी बीच धेमाजी जिले से राहत की बड़ी खबर सामने आई है, जहां भारतीय सेना ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और जिला प्रशासन के साथ मिलकर संयुक्त बचाव अभियान चलाते हुए 27 फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने तेजी से कार्रवाई कर लोगों की जान बचाई।

अरुण चापोरी गांव में चलाया गया विशेष बचाव अभियान

जानकारी के मुताबिक धेमाजी जिले के अरुण चापोरी गांव में लगातार हो रही बारिश और अचानक बढ़े जलस्तर के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए थे। बाढ़ का पानी गांवों में घुसने से बड़ी संख्या में लोग फंस गए थे। स्थिति की सूचना मिलते ही भारतीय सेना की स्पीयर कॉर्प्स के अंतर्गत स्पीयर हेड डिवीजन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

एनडीआरएफ और प्रशासन के साथ मिलकर किया रेस्क्यू

बचाव अभियान को एनडीआरएफ और जिला प्रशासन के सहयोग से समन्वित तरीके से संचालित किया गया। संयुक्त प्रयासों के तहत सभी 27 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। अधिकारियों का कहना है कि समय पर की गई कार्रवाई की वजह से संभावित बड़े नुकसान को टाला जा सका।

रेस्क्यू के बाद राहत सामग्री भी बांटी गई

सुरक्षित निकाले गए लोगों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। सेना की टीमों ने प्रभावित ग्रामीणों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने का काम भी किया। अधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सेना न केवल बचाव कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाती है, बल्कि प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में भी सक्रिय रहती है।

कठिन हालात में भी जवानों ने दिखाई तत्परता

सेना ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी जवानों ने तेजी और संवेदनशीलता के साथ काम किया। सेना के अनुसार आपदा के समय राहत और बचाव कार्य उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल हैं और मानवता की सेवा सर्वोपरि है।

असम में बाढ़ से 45 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित

राज्य में भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार सात जिलों में 45 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें धेमाजी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में लगातार जुटे हुए हैं।

राहत अभियान रहेगा जारी

अधिकारियों का कहना है कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक राहत और बचाव अभियान जारी रहेगा। प्रभावित इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जाएंगे।

 

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