Tuesday , 8 September 2026

झारखंड में आज छात्रों का विधानसभा मार्च, रांची में हाई अलर्ट; चप्पे-चप्पे पर पुलिस, छावनी में तब्दील राजधानी

नेशनल डेस्क: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को अहम मोड़ पर पहुंच गया है। आंदोलित छात्रों ने आज विधानसभा मार्च का ऐलान किया है। मार्च को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रमुख चौराहों, रास्तों और विधानसभा के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

करीब 16 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने राजधानी के कई इलाकों में निषेधाज्ञा लागू की है। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की है और दूसरे जिलों से रांची पहुंचने वाले लोगों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है।

विधानसभा के 750 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा

रांची के एसएसपी राकेश रंजन के मुताबिक विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में 6 अगस्त से 12 अगस्त तक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी। राजधानी में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों और महत्वपूर्ण चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

आंदोलन के संभावित असर को देखते हुए जमशेदपुर में भी रविवार आधी रात से निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा है।

एडीजी मुख्यालय मनोज कौशिक ने प्रदर्शनकारी छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने की अपील की है। उन्होंने आंदोलन में किसी भी असामाजिक या उपद्रवी तत्व को शामिल नहीं होने देने की बात कही है।

14वीं जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप

छात्र संगठन जेपीएससी/जेएसएससी सुधार मंच के नेतृत्व में अभ्यर्थी पिछले करीब दो सप्ताह से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांग 14वीं जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराना है।

आंदोलन के दौरान छह छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनमें कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी भी सामने आई है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांग पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

छात्रों का आरोप- रास्ते में रोके जा रहे अभ्यर्थी

आंदोलनकारी छात्रों ने आरोप लगाया है कि राज्य के अलग-अलग जिलों से रांची पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को पुलिस रास्ते में रोक रही है। छात्रों का दावा है कि कई लोगों को बसों और ट्रेनों से उतारकर रांची आने से रोका गया है।

विधानसभा मार्च से एक दिन पहले राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां भी तेज हो गईं। इसी बीच झारखंड लोक सेवा आयोग के तीन सदस्यों अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इन इस्तीफों को स्वीकार कर लिया है।

सरकार ने सीबीआई के बजाय सीआईडी जांच का दिया प्रस्ताव

छात्रों के बढ़ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य सरकार की कैबिनेट समिति और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। सरकार ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने के साथ मामले की सीआईडी जांच और वित्तीय अनियमितताओं की ईडी जांच का प्रस्ताव रखा है।

हालांकि, छात्र संगठन अपनी मांग पर कायम है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए सीबीआई जांच जरूरी है। संगठन ने साफ किया है कि वह इससे कम पर समझौता करने को तैयार नहीं है।

भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष को नजरबंद करने का लगाया आरोप

मामले को लेकर राजनीतिक टकराव भी बढ़ गया है। भाजपा के प्रदेश महासचिव अमर बाउरी ने आरोप लगाया है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया है, ताकि वह छात्र आंदोलन के समर्थन में सामने नहीं आ सकें।

हालांकि, आंदोलन का मुख्य मुद्दा छात्रों की परीक्षा संबंधी शिकायतें और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग ही बनी हुई है।

पुलिस बोली- छात्रों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

झारखंड सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनोज कौशिक ने कहा है कि प्रस्तावित विधानसभा मार्च को देखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पुलिस का प्रयास है कि प्रदर्शन के दौरान किसी छात्र को नुकसान न पहुंचे और स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।

उन्होंने प्रदर्शनकारियों से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

अब तक 19 आरोपी गिरफ्तार

जांच की प्रगति के बारे में मनोज कौशिक ने बताया कि मामले में अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों ने बड़ी संख्या में डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए हैं।

उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है। मामले से जुड़े लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत सामने आने वाले लोगों से पूछताछ की जाएगी।

आज क्या होगा?

छात्रों के विधानसभा मार्च के ऐलान के बाद रांची में प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क है। एक ओर छात्र सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं, वहीं राज्य सरकार ने सीआईडी जांच सहित अन्य विकल्पों का प्रस्ताव दिया है।

ऐसे में आज का विधानसभा मार्च छात्र आंदोलन के लिए अहम पड़ाव माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि छात्र मार्च के दौरान क्या रुख अपनाते हैं और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किस तरह कदम उठाता है।

 

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