
मनोरंजन डेस्क: बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा कानूनी झटका लगा है। अदालत ने उनकी सजा को बरकरार रखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। साथ ही अभिनेता के रवैये पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को आगे की कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
5 करोड़ रुपये के लोन से शुरू हुआ पूरा विवाद
यह मामला वर्ष 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए एक निजी कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी, जिसके चलते वह तय समय पर कर्ज की रकम नहीं चुका पाए। इसके बाद मामला कानूनी विवाद में बदल गया।
चेक बाउंस होने पर पहुंचा मामला अदालत
कर्ज चुकाने के लिए राजपाल यादव की ओर से जारी किए गए चेक बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए। इसके बाद संबंधित कंपनी ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कई बार बकाया राशि जमा करने का अवसर दिया, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया।
अदालत ने अभिनेता के रवैये पर जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि राजपाल यादव ने कई बार बकाया राशि लौटाने का भरोसा दिया, लेकिन अपने वादे पूरे नहीं किए। अदालत ने उनके आचरण को संतोषजनक नहीं माना और कहा कि लगातार आश्वासन देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। इसी आधार पर कोर्ट ने किसी भी तरह की राहत देने से इनकार करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
पहले भी जाना पड़ा था तिहाड़ जेल
इस मामले में राजपाल यादव पहले भी जेल जा चुके हैं। वर्ष 2024 में हाई कोर्ट ने उनकी सजा पर अस्थायी रोक लगाते हुए बकाया राशि जमा करने के लिए समय दिया था। अदालत ने करीब 9 करोड़ रुपये की देनदारी चुकाने के लिए गंभीर प्रयास करने को कहा था, लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने पर उन्हें आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद उन्होंने फरवरी में तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था, जहां वह करीब 12 दिन तक रहे।
अब आगे की कार्रवाई पर टिकी नजर
हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल आश्वासन देने से राहत नहीं मिल सकती और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। अब मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
Navyug Samachar