Thursday , 10 September 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में आज बड़ा खुलासा संभव! सरकार को सौंपेगी एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट, कई अहम राज खुल सकते हैं

यूपी डेस्क: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस मामले की जांच कर रही तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) बुधवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप सकती है। रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी जाने की तैयारी है। जांच पूरी करने के लिए एसआईटी को पहले 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया था, जिसकी अवधि 15 जुलाई को समाप्त हो रही है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक यदि जांच के कुछ बिंदुओं पर और पड़ताल की जरूरत महसूस हुई तो एसआईटी सरकार से अतिरिक्त समय भी मांग सकती है।

रिपोर्ट में कई अहम खुलासों की उम्मीद

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने आरोपियों और गवाहों से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में कथित चढ़ावा चोरी के पूरे नेटवर्क, धन के इस्तेमाल और इस मामले से जुड़े संभावित लोगों की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

जांच से जुड़े सूत्रों का यह भी कहना है कि एसआईटी अपनी रिपोर्ट में केवल जिम्मेदार लोगों की भूमिका का ही उल्लेख नहीं करेगी, बल्कि मंदिर की दान व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए भी सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दे सकती है।

दो आरोपियों की 14 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर

इस बीच मंगलवार को अयोध्या की विशेष अदालत ने मामले के दो आरोपी रामशंकर मिश्र और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव की 14 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर कर दी। जांच अधिकारी ने दोनों आरोपियों की सात दिन की पुलिस हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने सीमित अवधि की रिमांड की अनुमति दी।

बुधवार सुबह पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। इससे पहले सह-आरोपी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे से भी पुलिस रिमांड के दौरान अलग-अलग पूछताछ की जा चुकी है।

जांच में नकदी, सोना और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले

सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच के दौरान पुलिस ने नकदी, सोना, निवेश से संबंधित दस्तावेज और कथित तौर पर चोरी की गई रकम से खरीदे गए दो चारपहिया वाहन बरामद किए हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि कथित रूप से हड़पी गई राशि का एक हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया गया, जबकि कुछ धन ब्याज पर उधार देने में लगाया गया था।

इन तथ्यों की पुष्टि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में होने की संभावना जताई जा रही है।

निर्माणाधीन मकान पर सीलिंग की तैयारी

मामले के आरोपी लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को अयोध्या विकास प्राधिकरण ने मंगलवार को निर्माणाधीन मकान के संबंध में अंतिम नोटिस जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले 3 जुलाई को जारी नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला था।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 जुलाई तक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो बनवीरपुर स्थित निर्माणाधीन दो मंजिला भवन को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित भूखंड सुप्रिया मिश्रा के नाम पर पंजीकृत है।

सरकार की नजर अंतिम रिपोर्ट पर

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सरकार को सौंपी जाने वाली एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित दान चोरी का पूरा तंत्र किस तरह संचालित हुआ, इसमें किन लोगों की क्या भूमिका रही और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए किन सुधारों की आवश्यकता है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्णय ले सकती है।

 

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