
नेशनल डेस्क: बिहार की राजधानी पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव सीट पर बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 18,953 मतों के बड़े अंतर से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस नतीजे के साथ ही बांकीपुर सीट पर पिछले 35 वर्षों से कायम भाजपा का राजनीतिक वर्चस्व समाप्त हो गया। आधिकारिक परिणाम घोषित होते ही जन सुराज समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाया और अबीर-गुलाल उड़ाकर खुशी का इजहार किया।
विपक्षी नेताओं ने भी दी जीत की बधाई
प्रशांत किशोर की जीत के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से भी बधाई संदेश सामने आए। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर उन्हें ऐतिहासिक जीत की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि यह सफलता कड़ी मेहनत, जनसेवा के प्रति समर्पण और जनता के भरोसे का परिणाम है। उन्होंने बांकीपुर के विकास की कामना करते हुए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
वहीं, राजद नेता रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशांत किशोर को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बांकीपुर का जनादेश यह साबित करता है कि लगातार संघर्ष करने वाले और जनता से जुड़े रहने वाले नेताओं पर मतदाता भरोसा जताते हैं। उन्होंने इस चुनाव परिणाम को भाजपा के खिलाफ जनभावना और लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक बताया।
जीत के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर
जीत के बाद मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने बांकीपुर की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि बिहार के युवाओं के रोजगार और भविष्य से जुड़ा संदेश है। उन्होंने कहा कि जनता ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिन्होंने उन्हें समर्थन दिया उनका धन्यवाद है, जबकि जिन्होंने वोट नहीं दिया, उनका विश्वास जीतने के लिए वे पहले से अधिक मेहनत करेंगे।
बिहार के विकास को बताया प्राथमिकता
प्रशांत किशोर ने कहा कि वे विधायक बनकर किसी निजी कारोबार या ठेकेदारी के लिए नहीं आए हैं। उनका उद्देश्य बिहार के विकास को नई दिशा देना है। उन्होंने कहा कि जिस तरह गुजरात के विकास के लिए योजनाएं बनाई जाती हैं, उसी तरह बिहार के लिए भी व्यापक विकास की नीति तैयार होनी चाहिए, ताकि राज्य से पलायन पर रोक लग सके।
मुख्यमंत्री को लेकर साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने राज्य के नेतृत्व को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बिहार को ऐसा मुख्यमंत्री चाहिए जो शिक्षित, बेदाग और विकासोन्मुख सोच रखने वाला हो। उनके अनुसार राज्य में उद्योगों का विस्तार, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि शासन व्यवस्था में बदलाव नहीं हुआ तो जनता आगे भी इसी तरह के जनादेश देती रहेगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य के नेतृत्व पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाले दो से तीन महीनों में बांकीपुर में बदलाव दिखाई देने लगेगा। उनके अनुसार यह चुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार की दिशा तय करने वाला जनादेश है।
क्यों हुआ था बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव
बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के विधानसभा सदस्य पद से इस्तीफा देने के बाद कराया गया था। इस चुनाव में जन सुराज के प्रशांत किशोर, भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा और राजद की रेखा गुप्ता के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हुआ। मतगणना के शुरुआती दौर से ही प्रशांत किशोर ने बढ़त बना ली थी, जिसे उन्होंने अंत तक बरकरार रखा। परिणाम के बाद उन्होंने कहा कि जिस गढ़ को दशकों तक अभेद्य माना जाता था, उसे बांकीपुर की जनता ने अपने जनादेश से ध्वस्त कर दिया।
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