Wednesday , 7 October 2026

विदेशी चंदे पर केंद्र की बड़ी सख्ती! धर्मांतरण पर पूरी रोक, FCRA नियमों में व्यापक बदलाव लागू

नेशनल डेस्क : केंद्र सरकार ने विदेशी फंडिंग प्राप्त करने वाले संगठनों के लिए नियमों को और कड़ा कर दिया है। गृह मंत्रालय ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन नियम, 2026 को अधिसूचित करते हुए धार्मिक गतिविधियों के लिए विदेशी धन के उपयोग, पंजीकरण प्रक्रिया और जवाबदेही से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए हैं। नए नियमों का उद्देश्य विदेशी फंडिंग व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता, निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना बताया गया है।

नए संशोधनों के तहत धार्मिक उद्देश्यों के लिए स्वीकार्य गतिविधियों का विस्तृत वर्गीकरण किया गया है। इसके लिए एक विशेष अनुसूची तैयार की गई है, जिसमें उन कार्यों का उल्लेख है जिनके लिए विदेशी चंदा प्राप्त किया जा सकेगा।

मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा समेत धार्मिक स्थलों के लिए मिलेगी अनुमति

नियमों के अनुसार मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा, मठ, सिनेगॉग और अन्य धार्मिक स्थलों के निर्माण, मरम्मत, संरक्षण और रखरखाव जैसे कार्य धार्मिक उद्देश्यों की श्रेणी में शामिल किए गए हैं। इसके अलावा धार्मिक ग्रंथों के संरक्षण, प्रकाशन, अनुवाद और डिजिटलीकरण से जुड़ी गतिविधियों को भी अनुमति दी गई है।

धार्मिक दर्शन, इतिहास और परंपराओं के अध्ययन से संबंधित संस्थानों को सहयोग देने के साथ-साथ तीर्थयात्रियों के लिए पेयजल, स्वच्छता, आश्रय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की गतिविधियां भी मान्य होंगी। धर्मशाला, लंगर, अन्नदान और सामुदायिक रसोई जैसे कार्यक्रम भी अनुमेय गतिविधियों में शामिल किए गए हैं।

धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों पर स्पष्ट प्रतिबंध

गृह मंत्रालय ने नए नियमों में साफ किया है कि धार्मिक शिक्षा, सत्संग, प्रवचन, ध्यान शिविर, भक्ति संगीत और धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति रहेगी, लेकिन धर्मांतरण से जुड़ी किसी भी गतिविधि को विदेशी फंड के माध्यम से संचालित करने की इजाजत नहीं होगी। इस प्रकार की गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी।

‘की फंक्शनरी’ की नई परिभाषा से बढ़ेगी जवाबदेही

संशोधित नियमों में पहली बार ‘की फंक्शनरी’ शब्द को शामिल किया गया है। इसके तहत किसी संस्था के निदेशक, ट्रस्टी, साझेदार, पदाधिकारी, हिंदू अविभाजित परिवार के कर्ता और संगठन के संचालन एवं नियंत्रण से जुड़े अन्य प्रमुख व्यक्तियों को सीधे जवाबदेही के दायरे में लाया गया है।

पंजीकरण के समय बताना होगा उद्देश्य और कार्यक्षेत्र

अब FCRA पंजीकरण प्राप्त करने वाली प्रत्येक संस्था को अपने सटीक उद्देश्य और कार्यक्षेत्र का स्पष्ट उल्लेख करना होगा। संगठनों को यह भी बताना होगा कि वे किन राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों में अपनी गतिविधियां संचालित करेंगे। पहले से पंजीकृत संस्थाओं को नई व्यवस्था के अनुरूप जानकारी अपडेट करने के लिए एक वर्ष का समय दिया गया है।

विदेशी नागरिकों की भूमिका पर भी सख्त प्रावधान

नए नियमों के अनुसार जिन संस्थाओं में भारतीय मूल के अलावा अन्य विदेशी नागरिक प्रमुख पदों पर होंगे, उन्हें सामान्य परिस्थितियों में FCRA पंजीकरण नहीं दिया जाएगा। हालांकि विशेष मामलों में सरकार आवश्यक अनुमति प्रदान कर सकती है।

विदेशी फंड खर्च करने पर लागू हुई नई शर्त

सरकार ने विदेशी धन के उपयोग से संबंधित नियमों में भी बदलाव किया है। अब किसी संस्था को अगली विदेशी फंडिंग किस्त प्राप्त करने से पहले पहले प्राप्त धनराशि का कम से कम 75 प्रतिशत उपयोग करना होगा। इसके साथ ही फंड उपयोग के लिए गतिविधि-आधारित मानकों को भी परिभाषित किया गया है।

सोशल मीडिया और प्रकाशनों की जानकारी देना होगा अनिवार्य

संशोधित नियमों के तहत गैर-सरकारी संगठनों को अपने सोशल मीडिया खातों, वेबसाइटों और पुस्तकों, पत्रिकाओं तथा अन्य प्रकाशनों का विवरण भी देना होगा। सरकार का मानना है कि इससे विदेशी फंड प्राप्त करने वाली संस्थाओं की गतिविधियों पर निगरानी मजबूत होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

शुल्क व्यवस्था में भी बदलाव

नए प्रावधानों के तहत कई राज्यों में कार्य करने वाले या एक से अधिक उद्देश्यों के लिए पंजीकरण कराने वाले संगठनों को अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है। सरकार ने शुल्क संरचना में भी संशोधन किया है।

1976 से लागू है FCRA कानून

गौरतलब है कि विदेशी अंशदान विनियमन कानून पहली बार वर्ष 1976 में लागू किया गया था। बाद में इसे वर्ष 2010 में नए कानून के रूप में प्रतिस्थापित किया गया। FCRA पंजीकरण की वैधता पांच वर्षों तक होती है, जिसके बाद उसका नवीनीकरण कराना अनिवार्य होता है।

 

Check Also

‘आकाश को अब बसपा से निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी’, मायावती ने खुद बताई वजह, अशोक सिद्धार्थ से रिश्ते का भी किया जिक्र

यूपी डेस्क: बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को लेकर बड़ा बयान …