Saturday , 15 August 2026

दिल्ली होटल अग्निकांड: एक ही सीढ़ी, धुएं से भरी इमारत और मौत का जाल… फायर अधिकारी ने बताया कैसे बनी त्रासदी की वजह

दिल्ली डेस्क: राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह हुए भीषण होटल अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फायर ब्रिगेड और पुलिस की संयुक्त टीम ने जान जोखिम में डालकर 35 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना ने एक बार फिर राजधानी में अग्नि सुरक्षा मानकों और उनके पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुबह करीब 9:30 बजे होटल में आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें तत्काल मौके के लिए रवाना हुईं। हालांकि जब तक राहत दल घटनास्थल पर पहुंचा, तब तक आग होटल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले चुकी थी। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका और 21 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई।

शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई तबाही

फायर विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट सामने आई है। अधिकारी ने बताया कि होटल की संरचना और सुरक्षा व्यवस्था इस हादसे की गंभीरता बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल रही।

जानकारी के अनुसार होटल को आधिकारिक तौर पर केवल छह कमरों की अनुमति मिली हुई थी, लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए प्रबंधन ने 25 कमरे तैयार कर रखे थे। इतना ही नहीं, बेसमेंट में भी कमरे बनाए गए थे। अधिक कमरों के निर्माण के कारण इमारत में वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, जिससे आग लगने के बाद धुआं तेजी से पूरे परिसर में फैल गया।

संकरी सीढ़ियां बनीं मौत का रास्ता

फायर अधिकारी ने बताया कि होटल में मौजूद सीढ़ियां बेहद संकरी थीं। आग जैसी आपात स्थिति में बड़ी संख्या में लोगों का तेजी से बाहर निकलना लगभग असंभव था। यही वजह रही कि कई लोग धुएं और आग के बीच फंस गए।

अधिकारी के अनुसार, इमारत की बनावट ने राहत एवं बचाव अभियान को भी बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया। आग और घने धुएं के कारण अंदर प्रवेश करना मुश्किल था, फिर भी फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमों ने मिलकर तत्काल अभियान शुरू किया और 35 से अधिक लोगों की जान बचाने में सफलता हासिल की।

एक सीढ़ी और एक लिफ्ट पर निर्भर थी पूरी इमारत

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पूरी इमारत में केवल एक सीढ़ी और एक लिफ्ट मौजूद थी। इसके अलावा भवन चारों ओर से लगभग बंद था, जिससे आग लगने के बाद धुआं बाहर नहीं निकल सका। परिणामस्वरूप कुछ ही समय में पूरी इमारत जहरीले धुएं और अत्यधिक गर्मी से भर गई, जिसने लोगों के लिए बाहर निकलने के रास्ते लगभग बंद कर दिए।

विदेशी नागरिकों की संख्या अधिक होने से बढ़ी चिंता

दिल्ली पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों में अधिकांश विदेशी नागरिक शामिल हैं। बताया गया है कि होटल के पास एक बड़ा अस्पताल स्थित है, जहां इलाज के लिए विदेशों से भी मरीज और उनके परिजन आते हैं। अस्पताल के निकट होने के कारण कई विदेशी नागरिक इस होटल में ठहरते थे।

पुलिस ने बताया कि आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई शव बुरी तरह झुलस गए हैं। इसी कारण मृतकों की पहचान करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा पहचान और जांच की प्रक्रिया जारी है।

 

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