
नेशनल डेस्क: पिछले कुछ दिनों से आग की दिल दहला देने वाली घटनाओं ने पूरे देश को दहशत में डाल दिया है। कहीं होटल में लगी भीषण आग में कई मासूम जिंदगियों के खत्म होने की खबर सामने आई है, तो कहीं नोएडा और आसपास की हाईराइज सोसाइटियों में लगातार सामने आ रहे अग्निकांडों ने शहरी जीवन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन हादसों में सबसे चिंताजनक बात यह है कि आम नागरिक, जो अपने घरों में सामान्य दिनचर्या के साथ रहते हैं, अक्सर बिना किसी गलती के इन घटनाओं की चपेट में आ जाते हैं। हाईराइज इमारतों की संरचना ऐसी होती है कि किसी एक फ्लैट या एक मंजिल पर लगी आग भी तेजी से फैलकर पूरे भवन को प्रभावित कर सकती है, जबकि धुआं वेंटिलेशन शाफ्ट और कॉमन डक्ट्स के जरिए कई मंजिलों तक पहुंचकर जानलेवा स्थिति पैदा कर देता है।
क्यों बढ़ रहे हैं हाईराइज सोसाइटियों में आग के हादसे
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऊंची इमारतों में आग लगने और उसके तेजी से फैलने के पीछे सबसे बड़ी वजह ओवरलोडिंग और शॉर्ट सर्किट है। गर्मियों के मौसम में एयर कंडीशनर, गीजर और अन्य भारी बिजली उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने से विद्युत व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। पुरानी या घटिया गुणवत्ता की वायरिंग कई बार ओवरहीट होकर शॉर्ट सर्किट का कारण बनती है।
कई सोसाइटियों में फायर सेफ्टी उपकरणों का नियमित रखरखाव नहीं किया जाता, जिसके कारण स्प्रिंकलर, फायर अलार्म और स्मोक डिटेक्टर या तो काम नहीं करते या निष्क्रिय पड़े रहते हैं। वहीं, वेंटिलेशन और कॉमन डक्ट्स की सफाई न होने के कारण धुआं तेजी से फ्लैट्स के अंदर फैल जाता है, जो दम घुटने जैसी घातक स्थिति पैदा करता है।
लापरवाही कैसे बन रही जानलेवा खतरा
कई हाईराइज सोसाइटियों में सीढ़ियों और इमरजेंसी एग्जिट के रास्तों पर पुराना सामान, गमले या अन्य वस्तुएं रख दी जाती हैं, जिससे आपात स्थिति में निकलने का रास्ता बाधित हो जाता है। कुछ इमारतों में सुरक्षा के बावजूद बालकनी को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में भी बाधा आती है।
सुरक्षा के लिए क्या करें
नेशनल बिल्डिंग कोड और फायर सर्विस के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हर नागरिक और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना चाहिए। प्रत्येक फ्लैट में फायर एक्सटिंग्विशर और स्मोक अलार्म होना अनिवार्य है।
गर्मियों की शुरुआत से पहले घर की इलेक्ट्रिकल वायरिंग और एयर कंडीशनिंग सिस्टम की जांच किसी सर्टिफाइड इलेक्ट्रिशियन से कराई जानी चाहिए। एक्सटेंशन बोर्ड पर अधिक लोड डालना खतरनाक हो सकता है।
कई लोग सुरक्षा के नाम पर बालकनी को पूरी तरह बंद कर देते हैं, जबकि आपात स्थिति में यह रेस्क्यू का महत्वपूर्ण माध्यम बनती है। इसलिए बालकनी का एक हिस्सा हमेशा खुलने योग्य रखना आवश्यक माना जाता है।
हर हाईराइज सोसाइटी में साल में कम से कम एक बार मान्यता प्राप्त एजेंसी से फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य है। इसके साथ ही हर छह महीने में फायर ड्रिल कराई जानी चाहिए ताकि लोग आपात स्थिति में सही प्रतिक्रिया दे सकें। फायर एग्जिट और सीढ़ियों को पूरी तरह खाली रखना जरूरी है। टेरेस के दरवाजे कभी लॉक नहीं होने चाहिए ताकि आपातकाल में सुरक्षित निकासी संभव हो सके।
आग लगने की स्थिति में क्या करें
आग लगने पर लिफ्ट का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि बिजली जाने की स्थिति में व्यक्ति उसमें फंस सकता है। हमेशा सीढ़ियों का इस्तेमाल करना चाहिए। धुआं ऊपर की ओर फैलता है, इसलिए नीचे झुककर या रेंगकर बाहर निकलना सुरक्षित रहता है।
नाक और मुंह को गीले कपड़े से ढककर जहरीले धुएं से बचाव किया जाना चाहिए। तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना देना और सोसाइटी का अलार्म सक्रिय करना आवश्यक होता है।
बिल्डर, आरडब्ल्यूए और निवासियों के बीच समन्वय और सुरक्षा मानकों का पालन ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका माना जा रहा है।
Navyug Samachar