
ऑफबीट डेस्क: टेक्नोलॉजी की दुनिया से एक ऐसा प्रयोग सामने आया है जो सुनने में जितना अजीब है, उतना ही वैज्ञानिक रूप से अहम भी। गूगल समर्थित लाइफ साइंसेज कंपनी Verily मच्छरों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए करोड़ों ‘नर मच्छरों’ को तैयार कर उन्हें अमेरिका के कुछ इलाकों में छोड़ने की योजना पर काम कर रही है।
6.4 करोड़ मच्छरों की योजना पर काम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अगले दो वर्षों में लगभग 6.4 करोड़ नर मच्छर छोड़ने की तैयारी में है। यह पूरा प्रोजेक्ट ‘Debug Project’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों पर लगाम लगाना है।
अमेरिकी पर्यावरण एजेंसी की निगरानी में प्रोजेक्ट
इस प्रस्ताव की समीक्षा अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) कर रही है। इसके साथ ही इसे पब्लिक कमेंट के लिए भी खोला गया है, ताकि इस पर वैज्ञानिक और आम राय दोनों शामिल हो सकें।
कैसे काम करेगा यह ‘मच्छर मिशन’
इस योजना में छोड़े जाने वाले नर Aedes aegypti मच्छरों को Wolbachia नामक प्राकृतिक बैक्टीरिया से संक्रमित किया जाता है। ये नर मच्छर इंसानों को नहीं काटते। जब ये मादा मच्छरों से मिलते हैं, तो अंडे विकसित नहीं हो पाते, जिससे धीरे-धीरे मच्छरों की आबादी कम होने लगती है।
डेंगू और ज़ीका जैसी बीमारियों पर लग सकता है ब्रेक
Aedes aegypti मच्छर डेंगू, चिकनगुनिया, ज़ीका और येलो फीवर जैसी खतरनाक बीमारियों के मुख्य वाहक माने जाते हैं। ऐसे में इस तकनीक से इन बीमारियों के प्रसार को नियंत्रित करने की उम्मीद जताई जा रही है।
कीटनाशक नहीं, प्राकृतिक तरीका अपनाया जाएगा
इस पूरे प्रोजेक्ट में किसी तरह के कीटनाशक या जेनेटिक मॉडिफिकेशन का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। पूरा फोकस जैविक (बायोलॉजिकल) तरीके से मच्छरों की संख्या घटाने पर रहेगा।
दुनिया के कई देशों में हो चुके हैं प्रयोग
Wolbachia तकनीक पर आधारित यह तरीका नया नहीं है। इससे पहले भी अमेरिका समेत कई देशों में इस तरह के पायलट प्रोजेक्ट चलाए जा चुके हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।
ऑफबीट साइंस में बड़ा कदम
अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो यह मच्छरों से होने वाली बीमारियों को नियंत्रित करने की दिशा में एक बड़ा और अनोखा वैज्ञानिक प्रयोग साबित हो सकता है, जो पारंपरिक तरीकों से बिल्कुल अलग होगा।
Navyug Samachar