नेशनल डेस्क: पानी शरीर की बुनियादी जरूरतों में शामिल है। शरीर की कोशिकाओं, ऊतकों और अंगों को सामान्य तरीके से काम करने के लिए पानी की जरूरत होती है। यह शरीर का तापमान नियंत्रित रखने, पोषक तत्वों को शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। सांस लेने, पसीना आने और पेशाब के जरिए शरीर से लगातार पानी निकलता रहता है। इसकी पर्याप्त भरपाई न होने पर शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे थकान, सिरदर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
दिनभर में कितना पानी पीना चाहिए?
एक स्वस्थ व्यक्ति को दिनभर में करीब 2.7 से 3.7 लीटर तरल पदार्थ की जरूरत होती है। इसमें केवल सादा पानी शामिल नहीं होता, बल्कि चाय, कॉफी, दूध, जूस और भोजन के जरिए मिलने वाला पानी भी इसका हिस्सा होता है। भोजन से ही शरीर को करीब 20 प्रतिशत पानी मिल जाता है। इसलिए हर व्यक्ति के लिए रोजाना 3 से 4 लीटर सिर्फ सादा पानी पीना जरूरी नहीं है।
शरीर में पानी की कमी कैसे पहचानें?
शरीर में पानी की कमी होने पर सबसे पहले प्यास महसूस हो सकती है और पेशाब का रंग गहरा पीला दिखाई दे सकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने पर पेशाब का रंग हल्का पीला या साफ रह सकता है। पानी की कमी के साथ सिरदर्द, थकान और चक्कर आने जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
अगर शरीर में पानी की कमी गंभीर स्तर तक पहुंच जाए तो सोचने में परेशानी या घबराहट जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।
किन लोगों को ज्यादा पानी की जरूरत पड़ सकती है?
जो लोग नियमित रूप से अधिक व्यायाम करते हैं या जिन्हें ज्यादा पसीना आता है, उनके शरीर को अधिक तरल पदार्थ की जरूरत पड़ सकती है। गर्म और नमी वाले मौसम में भी शरीर से पानी अधिक निकलने के कारण तरल पदार्थ की आवश्यकता बढ़ सकती है।
उल्टी, दस्त या बुखार के दौरान भी शरीर से तेजी से पानी निकल सकता है। ऐसी स्थिति में पर्याप्त तरल पदार्थ लेना जरूरी होता है। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान भी महिलाओं को अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है। कुछ किडनी और पेशाब से जुड़ी समस्याओं में चिकित्सक अधिक पानी पीने की सलाह दे सकते हैं।
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