Thursday , 10 September 2026

बिना खर्च किए जर्मनी पहुंची भारतीय लड़की, कंपनी ने उठाया वीजा से लेकर रहने तक का पूरा खर्च; बोली- विदेश जाने का सपना ऐसे भी होता है पूरा

वायरल डेस्क: विदेश में नौकरी करना और वहां बसना कई युवाओं का सपना होता है, लेकिन वीजा, फ्लाइट टिकट और शुरुआती खर्चों की चिंता के कारण कई लोग पीछे हट जाते हैं। इसी बीच डिजिटल कंटेंट क्रिएटर सिमरन खोखा की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। सिमरन ने बताया कि जर्मनी में नौकरी मिलने के बाद उन्हें वहां शिफ्ट होने के लिए अपनी जेब से एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ा।

जर्मनी की नौकरी मिलने के बाद बढ़ी थी खर्चों की चिंता

सिमरन खोखा ने बताया कि जब उन्हें जर्मनी से प्रोडक्ट मैनेजर की नौकरी का ऑफर मिला तो शुरुआत में वह बेहद खुश थीं। लेकिन कुछ ही मिनटों बाद उनके मन में विदेश जाने से जुड़े खर्चों को लेकर चिंता शुरू हो गई।

उन्होंने बताया कि फ्लाइट टिकट, वीजा फीस, रेजीडेंस परमिट, अतिरिक्त सामान का खर्च और शुरुआती रहने की व्यवस्था जैसे खर्चों की लंबी सूची देखकर वह परेशान हो गई थीं।

कंपनी के रीलोकेशन पैकेज ने बदल दी पूरी तस्वीर

सिमरन के मुताबिक, उनकी चिंता उस समय खत्म हो गई जब कंपनी की तरफ से उन्हें रीलोकेशन पैकेज की जानकारी मिली। कंपनी ने उनके जर्मनी शिफ्ट होने से जुड़े कई बड़े खर्चों की जिम्मेदारी खुद उठा ली।

उन्होंने बताया कि वीजा फीस, रेजीडेंस परमिट फीस, फ्लाइट टिकट, रीलोकेशन और अतिरिक्त सामान का खर्च, तीन महीने की रहने की व्यवस्था और ड्राइविंग लाइसेंस सपोर्ट के लिए उन्हें अपनी तरफ से कोई भुगतान नहीं करना पड़ा।

सिमरन के अनुसार, उनका कुल व्यक्तिगत खर्च शून्य रहा।

विदेश जाना सिर्फ पैसे नहीं, भावनाओं से भी जुड़ा फैसला

सिमरन ने कहा कि देश बदलना सिर्फ एक नई जगह जाना नहीं होता, बल्कि अपने घर, परिवार, दोस्तों और पुराने माहौल को छोड़ने का बड़ा भावनात्मक फैसला होता है।

उन्होंने बताया कि जब विदेश जाने से जुड़े हजारों यूरो के खर्चों का दबाव खत्म हो जाता है तो नए देश में शुरुआत करना मानसिक रूप से भी आसान हो जाता है।

विदेश में नौकरी चाहने वालों को दी खास सलाह

सिंगापुर में सात साल काम करने के बाद अब जर्मनी में काम कर रहीं सिमरन यूरोप और एशिया में नौकरी से जुड़े अनुभव साझा करती हैं।

उन्होंने युवाओं से कहा कि विदेश में नौकरी के लिए आवेदन करते समय सिर्फ खर्चों के डर से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि इंटरव्यू के दौरान कंपनियों से वीजा स्पॉन्सरशिप और रीलोकेशन सपोर्ट के बारे में जरूर जानकारी लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि हर कंपनी ऐसी सुविधा नहीं देती, लेकिन कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को विदेश शिफ्ट होने में मदद करती हैं।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ वीडियो

सिमरन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने 4 अगस्त 2026 को यह वीडियो फेसबुक पर साझा किया था, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इसे देखा और अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

सिमरन ने वीडियो के जरिए विदेश में नौकरी तलाशने वालों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की बात भी कही है। उन्होंने लोगों से कमेंट के जरिए जुड़ने की अपील की है।

 

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