Wednesday , 9 September 2026

खांसी में तुरंत कफ सिरप लेना सही या गलत? डॉक्टर ने बताया कब दवा जरूरी और कब करें परहेज

हेल्थ डेस्क: मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम और खांसी की समस्या बढ़ने लगती है। ऐसे समय में कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से कफ सिरप खरीद लेते हैं। लेकिन हर तरह की खांसी में कफ सिरप लेना जरूरी नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार खांसी के प्रकार को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत दवा लेने से परेशानी बढ़ सकती है।

सूखी और बलगम वाली खांसी में होता है अंतर

सफदरजंग अस्पताल के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर के अनुसार खांसी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है। पहली सूखी खांसी और दूसरी गीली यानी बलगम वाली खांसी।

उन्होंने बताया कि अधिकतर सामान्य खांसी कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन अगर खांसी लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

सूखी खांसी में कफ सिरप लेने से बचें

डॉ. जुगल किशोर के मुताबिक सूखी खांसी में आमतौर पर कफ सिरप लेने की जरूरत नहीं होती। कई बार यह खांसी कुछ दिनों में खुद ही ठीक हो जाती है।

उन्होंने बताया कि कुछ कफ सिरप खांसी को दबाने का काम करते हैं, जबकि कुछ सिरप बलगम को पतला कर बाहर निकालने में मदद करते हैं। इसलिए खांसी के प्रकार को जाने बिना सिरप लेना सही नहीं है।

बलगम वाली खांसी में डॉक्टर की सलाह जरूरी

अगर खांसी के साथ बलगम जमा हो रहा है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बलगम फेफड़ों में जमा होने पर समस्या बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में सही इलाज की जरूरत पड़ सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार गलत प्रकार का सिरप लेने से बलगम बाहर निकलने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए गीली खांसी में भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा लेना बेहतर माना जाता है।

इन लक्षणों में तुरंत कराएं जांच

अगर खांसी के साथ तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या लंबे समय तक खांसी की शिकायत बनी रहती है तो इसे सामान्य संक्रमण समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ऐसे लक्षण निमोनिया, टीबी, अस्थमा या किसी अन्य गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

खांसी में राहत के लिए अपनाएं ये उपाय

डॉ. जुगल किशोर के अनुसार सामान्य खांसी में कुछ घरेलू उपाय राहत दे सकते हैं। अदरक और शहद का सेवन, नमक के पानी से गरारे और भाप लेना फायदेमंद हो सकता है।

इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, आराम करना और शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के बिना कफ सिरप या एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

 

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