
यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के चरखारी कस्बे से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। यहां पत्नी और मासूम बेटे की मौत के गहरे सदमे में एक व्यक्ति ने भी अपनी जान गंवा दी, और इस तरह 11 दिनों के भीतर एक ही परिवार में तीन मौतों से त्रासदी का ऐसा सिलसिला सामने आया जिसने सभी को झकझोर दिया है।
हीटवेव ने छीना मासूम का जीवन, पत्नी भी सदमे में टूटी
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के हरपालपुर निवासी 40 वर्षीय सुब्हान अहमद अपनी ससुराल में चरखारी में रह रहे थे। 25 मई को भीषण गर्मी और हीटवेव के चलते उनके 6 साल के बेटे हसनैन की मौत हो गई थी। बेटे की मौत की खबर सुनते ही पत्नी रजिया खातून भी गहरे सदमे में आ गईं और उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
गहरे सदमे में टूट चुका था पति, कब्रिस्तान में किया अंतिम सफर
परिवार पर टूटी इस दोहरी त्रासदी के बाद सुब्हान पूरी तरह टूट चुके थे। बताया जाता है कि शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे वह पत्नी और बेटे की याद में भावुक होकर कब्रिस्तान पहुंच गए। जब वह लंबे समय तक घर वापस नहीं लौटे तो परिजन उनकी तलाश में कब्रिस्तान पहुंचे, जहां का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए।
कब्रों से लिपटी मिली लाश, इलाके में मचा कोहराम
कब्रिस्तान में सुब्हान अचेत अवस्था में पड़े मिले, उनका एक हाथ बेटे की कब्र पर और दूसरा हाथ पत्नी की कब्र पर था। परिजनों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार उनके पैर पर एक निशान भी पाया गया है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उन्हें किसी जहरीले कीड़े ने काटा हो सकता है, या फिर अत्यधिक मानसिक आघात के चलते उनकी मौत हुई हो।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज, तीन बच्चे अनाथ
फिलहाल मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। इस घटना ने सुब्हान के पीछे तीन बच्चों—17 वर्षीय सैफ, 14 वर्षीय रोशनी और 11 वर्षीय आलिया—को अनाथ कर दिया है। एक ही घर में 11 दिनों के भीतर तीन मौतों ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक और सन्नाटे में डाल दिया है। स्थानीय लोग और परिजन अब प्रशासन से इन अनाथ बच्चों के भविष्य को लेकर मदद की गुहार लगा रहे हैं।
Navyug Samachar