Monday , 5 October 2026

Parliament Monsoon Session: आज संसद में सरकार-विपक्ष आमने-सामने! पेपर लीक से लेकर पुलिस कार्रवाई तक कई मुद्दों पर घमासान के आसार

नेशनल डेस्क: संसद के मानसून सत्र में सोमवार को सरकार और विपक्ष के बीच तीखी टक्कर देखने को मिल सकती है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समाप्त होने के बाद भी राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है। विपक्ष नीट पेपर लीक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, शिक्षा बजट, इथेनॉल नीति और राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी समेत कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी में है।

पेपर लीक पर सख्त कानून लाएगी सरकार

केंद्र सरकार लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस विधेयक को सदन में रखेंगे। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई के लिए कानून को और सख्त बनाना है।

सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का भी गठन किया है, जो परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के सुझाव देगी।

धांधली पर सख्त सजा का प्रस्ताव

प्रस्तावित संशोधन के तहत परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। सरकार के अनुसार, न्यूनतम सजा को तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष और अधिकतम सजा को पांच वर्ष से बढ़ाकर दस वर्ष तक करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया गया है।

जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष का हमला

20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी संसद में गूंज सकता है। विपक्ष इस मामले में सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है।

तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने इस विषय पर चर्चा की मांग की है। वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर जवाब मांगा है। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को लेकर सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए।

प्रधानमंत्री से जवाब की मांग

विपक्ष का कहना है कि केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से मामला समाप्त नहीं हो जाता। विपक्षी दलों की मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखें और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाब दें। कांग्रेस का कहना है कि पीड़ित छात्रों को न्याय मिलने तक वह यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर उठाती रहेगी।

इथेनॉल नीति और राम मंदिर का मुद्दा भी रहेगा गर्म

पेपर लीक के अलावा विपक्ष इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों और अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरने की तैयारी में है। इन विषयों पर भी संसद में तीखी बहस होने की संभावना है।

शिक्षा बजट और बढ़ती लागत पर उठेंगे सवाल

कांग्रेस शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते खर्च और बजट आवंटन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधने की तैयारी में है। पार्टी का आरोप है कि शिक्षा की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि बजटीय प्रावधान पर्याप्त नहीं हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष संसद में सरकार से जवाब मांग सकता है।

 

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