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PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे, काशी से वडनगर तक गूंजा ‘सेवा संकल्प’; जानें आज क्यों खास है 7 अक्टूबर

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाया जा रहा ‘सेवा संकल्प अभियान’ 7 अक्टूबर को अपने अहम पड़ाव पर पहुंच रहा है। अभियान के तहत वडनगर से वाराणसी और वाराणसी से वडनगर तक निकाली गई सेवा संकल्प यात्राओं का समापन दोनों ऐतिहासिक शहरों में आयोजित कार्यक्रमों के साथ हो रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री देशभर के पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पद संभाला था। इसके बाद गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनका सार्वजनिक जीवन लगातार जारी रहा। भाजपा इस 25 साल की यात्रा को ‘सेवा से राष्ट्रसेवा’ के संदेश के साथ देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए रेखांकित कर रही है।

17 सितंबर से शुरू हुआ था सेवा संकल्प अभियान

सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हुई थी। भाजपा ने प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक यह अभियान चलाने की घोषणा की थी।

अभियान के तहत रक्तदान शिविर, सेवा गतिविधियां, प्रदर्शनियां, सेमिनार, पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण और लाभार्थियों से संपर्क जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पार्टी ने इसमें युवाओं की भागीदारी पर भी जोर दिया है।

काशी में 500 बाइक यात्रियों के साथ बड़ा कार्यक्रम

सेवा संकल्प यात्रा के प्रमुख समापन कार्यक्रमों में से एक वाराणसी में हो रहा है। वडनगर से निकली ‘जन्मभूमि से कर्मभूमि’ बाइक यात्रा में शामिल करीब 500 यात्री काशी पहुंच चुके हैं।

बुधवार को इन यात्रियों के काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने का कार्यक्रम है। इसके बाद सभी यात्री जगतपुर इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित जनसभा में शामिल होंगे।

वाराणसी की इस जनसभा को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और पार्टी के वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक कार्यक्रम दोपहर में जगतपुर इंटर कॉलेज, रोहनिया में आयोजित किया जाएगा।

यह कार्यक्रम नितिन नबीन के भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद वाराणसी में उनकी पहली बड़ी सार्वजनिक सभा के तौर पर भी देखा जा रहा है।

वडनगर से काशी तक पहुंची ‘जन्मभूमि से कर्मभूमि’ यात्रा

सेवा संकल्प यात्रा की सबसे बड़ी राजनीतिक और प्रतीकात्मक विशेषता इसका वडनगर से वाराणसी तक का सफर है। वडनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि है, जबकि वाराणसी उनकी लोकसभा सीट और राजनीतिक जीवन की प्रमुख कर्मभूमि रही है।

इसी जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने दोनों शहरों को जोड़ते हुए इस यात्रा को प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन की यात्रा के प्रतीक के तौर पर पेश किया है।

यात्रा के दौरान गुजरात की विभिन्न नदियों का जल काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए ले जाने और वाराणसी से गंगाजल वडनगर के हटकेश्वर महादेव मंदिर ले जाने की योजना बनाई गई थी।

वडनगर में हटकेश्वर महादेव मंदिर में होगा समापन

सेवा संकल्प अभियान का दूसरा प्रमुख कार्यक्रम वडनगर में आयोजित किया जा रहा है। यहां यात्रा में शामिल प्रतिभागी ऐतिहासिक हटकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे और सेवा का संकल्प दोहराएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन से सीधे जुड़े वडनगर के इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और गुजरात भाजपा के वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन की शुरुआत और 25 साल की राजनीतिक यात्रा को जोड़ने का संदेश दिया जाएगा।

दिल्ली में भी प्रधानमंत्री का कार्यक्रम

सेवा संकल्प यात्रा के समापन के साथ ही दिल्ली में भी 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कार्यक्रम रखा गया है।

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में प्रधानमंत्री भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे और इसके बाद वाराणसी के समापन कार्यक्रम में पहुंचेंगे।

इसके अलावा भाजपा की ओर से कई जिलों में शाम को मशाल जुलूस निकालने की भी योजना है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच सेवा और जनभागीदारी के अभियान के रूप में प्रस्तुत करना है।

20 टीमों ने तय किया हजारों किलोमीटर का सफर

सेवा संकल्प अभियान के तहत वडनगर और वाराणसी के बीच निकाली गई यात्राओं ने कई राज्यों को जोड़ा। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार करीब 20 टीमें लगभग 35,500 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए रवाना हुई थीं।

दोनों दिशाओं में निकली इन यात्राओं का मकसद प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वडनगर और उनकी संसदीय सीट वाराणसी के बीच राजनीतिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को सामने रखना रहा।

सेवा, संकल्प और राष्ट्रनिर्माण पर भाजपा का जोर

भाजपा इस पूरे अभियान को ‘सेवा, संकल्प और राष्ट्रनिर्माण’ के संदेश से जोड़ रही है। पार्टी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को युवाओं के लिए प्रेरणा के रूप में पेश करने के साथ सेवा कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाना भी अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, जल संरक्षण, गौसेवा, वृद्धाश्रमों में सेवा और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क जैसे कार्यक्रमों को इसी व्यापक अभियान का हिस्सा बनाया गया है।

7 अक्टूबर की तारीख क्यों है खास?

7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसी तारीख से उनके लगातार सार्वजनिक पद पर रहने के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लंबे कार्यकाल के बाद वह 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। 2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के साथ उन्होंने केंद्र में लगातार तीसरी पारी शुरू की।

भाजपा इसी लंबे राजनीतिक सफर को ‘25 साल की जनसेवा’ के रूप में पेश कर रही है और 7 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रमों को अभियान का प्रमुख प्रतीकात्मक पड़ाव बना रही है।

काशी से वडनगर तक एक साथ दिखा राजनीतिक संदेश

सेवा संकल्प यात्रा के समापन के जरिए भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन के दो महत्वपूर्ण केंद्रों को एक साथ जोड़ा है। एक ओर वडनगर है, जहां से उनका जीवन और राजनीतिक सफर शुरू हुआ, वहीं दूसरी ओर वाराणसी है, जहां से उनका राष्ट्रीय राजनीतिक सफर और संसदीय जुड़ाव मजबूत हुआ।

काशी और वडनगर में होने वाले कार्यक्रम इस यात्रा के अंतिम पड़ाव हैं। काशी में बाबा विश्वनाथ के दरबार में जलाभिषेक होगा, जबकि वडनगर में हटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का समापन किया जाएगा।

 

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