नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो संदेश को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के संदेश पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि जिन मुद्दों पर देश जवाब और माफी की उम्मीद कर रहा था, उन पर बोलने के बजाय भावनात्मक संदेश देकर ध्यान भटकाने की कोशिश की गई। वहीं, प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का जिक्र करते हुए युवाओं को “गुमराह बच्चे” बताया और उन्हें सुधार का अवसर देने की बात कही।
पवन खेड़ा का तंज, सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि देश प्रधानमंत्री से माफी की अपेक्षा कर रहा था, लेकिन उन्होंने देश को ही माफ करने की बात कह दी। कांग्रेस ने इसे मूल मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास बताया।
खेड़ा की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री बोले- ‘गुमराह बच्चों को सही रास्ता दिखाना जरूरी’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान उनके साथ-साथ उनकी दिवंगत मां के लिए भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।
उन्होंने कहा कि ऐसे “गुमराह बच्चों” को अदालतों के चक्कर कटवाने या कड़ी सजा देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका मानना है कि समाज को ऐसे युवाओं को अपनाकर उन्हें सही दिशा दिखाने का प्रयास करना चाहिए।
‘दांत जीभ को काट ले तो दांत नहीं तोड़ते’
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में उदाहरण देते हुए कहा कि यदि दांत गलती से जीभ को काट ले, तो दांत को नहीं तोड़ा जाता क्योंकि दोनों शरीर के ही हिस्से हैं। इसी तरह समाज के युवा भी अपने ही हैं और उनमें सुधार की संभावना हमेशा बनी रहती है। उन्होंने कहा कि दंड देने के बजाय उन्हें सही मार्ग पर लाना अधिक आवश्यक है।
‘बेटियों की भाषा चिंता का विषय’
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्राओं द्वारा इस्तेमाल की गई कथित अभद्र भाषा चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि समाज में आक्रोश को समझा जा सकता है, लेकिन गुस्से के बजाय संवाद, संयम और सुधार का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश के बाद कांग्रेस ने कहा कि जिन मुद्दों पर देश जवाब चाहता है, उन पर स्पष्ट प्रतिक्रिया देने के बजाय भावनात्मक संदेश के जरिए मूल सवालों से बचने की कोशिश की जा रही है। इसी को लेकर पार्टी ने प्रधानमंत्री के संदेश पर सवाल खड़े किए हैं।
Navyug Samachar
