
यूपी डेस्क : उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र में उप जिलाधिकारी (SDM) सुशील मिश्रा पर हुए जानलेवा हमले के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सरकारी निरीक्षण के दौरान दबंगों द्वारा किए गए ईंट-पत्थर के हमले में एसडीएम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना को लेकर अब बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
घटना के बाद मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों पर इस तरह के हमले बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि प्रदेश में अराजक तत्वों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं, जो प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना
मायावती ने अपने बयान में कहा कि यदि सरकारी ड्यूटी के दौरान एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस और कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।
हमले के बाद प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप
एसडीएम पर हुए हमले के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी
स्थानीय लोगों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। मौजूद पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और घायल एसडीएम को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल भी देखा गया।
विपक्ष को मिला नया मुद्दा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हरदोई की इस घटना ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों ने भी सरकार से जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल एसडीएम सुशील मिश्रा का अस्पताल में इलाज जारी है। प्रशासन के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है। वहीं, मामले की गहन जांच के साथ आरोपियों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
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