
नई दिल्ली डेस्क : कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर युवाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है, लेकिन मौजूदा नीतियों के कारण करोड़ों युवाओं के सपने प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने युवाओं से जुड़े कई मुद्दों को उठाते हुए कहा कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं। उनके मुताबिक, लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामले, परीक्षाओं के संचालन में खामियां, भर्ती प्रक्रियाओं का रद्द होना, बढ़ती शैक्षणिक फीस, निजीकरण और विभिन्न घोटालों ने युवाओं की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
पेपर लीक और भर्ती रद्द होने पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने कहा कि लाखों छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा लंबे समय से अनिश्चितता के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार परीक्षाएं प्रभावित होने और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी से युवाओं के करियर पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के सामने पहले से ही चुनौतियां हैं, ऐसे में परीक्षा और भर्ती व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं उनकी परेशानियों को और बढ़ा रही हैं।
कोटा की महारैली का किया जिक्र
युवाओं और विशेष रूप से जेन-जी पीढ़ी को संबोधित संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और उनकी आवाज को मजबूती से उठाया जाना चाहिए। उन्होंने राजस्थान के कोटा में आयोजित होने वाली ‘छात्रों की गूंज’ महारैली का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मंच से शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह रैली केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं की चिंताओं को सामने लाने का अवसर है।
17 जून की रैली में शामिल होने की अपील
राहुल गांधी ने युवाओं से 17 जून को आयोजित होने वाली महारैली में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से उठ रही छात्रों और युवाओं की आवाज को एकजुट करने का समय आ गया है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि गली, मोहल्लों, कस्बों और शहरों से उठ रही युवाओं की मांगों को कोटा में एक सशक्त स्वर दिया जाएगा। उनके अनुसार रैली में शिक्षा व्यवस्था, रोजगार के अवसरों और युवाओं के भविष्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी।
युवा मुद्दों को लेकर तेज हुई सियासत
राहुल गांधी के इस बयान के बाद शिक्षा, भर्ती और रोजगार से जुड़े मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। विपक्ष जहां इन विषयों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं आने वाले दिनों में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
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