Tuesday , 8 September 2026

Raksha Bandhan 2026: अब राखी सिर्फ धागा नहीं, बनी स्टाइल स्टेटमेंट; NFC स्मार्ट राखी से चांदी ब्रेसलेट तक बढ़ी डिमांड

लखनऊ डेस्क: रक्षाबंधन 2026 के बाजार में इस बार राखियों के नए ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं। भाई की कलाई पर बांधी जाने वाली राखी अब सिर्फ प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक नहीं रह गई है, बल्कि इसमें फैशन, डिजाइन और तकनीक का नया रंग भी जुड़ गया है। लखनऊ के बाजारों में पारंपरिक मौली और कलावा से लेकर रुद्राक्ष, मोती, चांदी ब्रेसलेट, मेटल और जेम्स स्टोन वाली राखियों की मांग बढ़ी है। वहीं टेक्नोलॉजी पसंद करने वालों के लिए एनएफसी स्मार्ट राखियां भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

रक्षाबंधन नजदीक आते ही लखनऊ के अमीनाबाद, भूतनाथ, आलमबाग, चौक समेत प्रमुख बाजारों में राखियों की खरीदारी तेज हो गई है। दुकानदारों के अनुसार, इस बार ग्राहक ऐसी राखियां ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जो त्योहार के बाद भी इस्तेमाल की जा सकें। यही वजह है कि ब्रेसलेट स्टाइल राखियां युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।

कलावा से लेकर रुद्राक्ष और ईविल आई डिजाइन तक बढ़ी पसंद

पारंपरिक राखियों की मांग अब भी बरकरार है। कलावा, मौली और धार्मिक प्रतीकों वाली राखियां लोग अभी भी पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही रुद्राक्ष, मोती, एंटिक डिजाइन, मेटल और जेम्स स्टोन वाली राखियों की मांग में भी इजाफा हुआ है।

युवाओं के बीच ईविल आई यानी नजर से बचाने वाले डिजाइन वाली राखियां भी पसंद की जा रही हैं। वहीं ब्रेसलेट स्टाइल राखियों ने बाजार में अलग पहचान बनाई है। इन राखियों को रक्षाबंधन के बाद भी कलाई पर पहना जा सकता है। महिलाओं के लिए लुंबा राखियों के साथ आकर्षक ब्रेसलेट डिजाइन भी बाजार में उपलब्ध हैं।

40 से 300 रुपये तक में मिल रहे आकर्षक डिजाइन

लखनऊ के बाजारों में बजट से लेकर प्रीमियम रेंज तक कई तरह की राखियां उपलब्ध हैं। साधारण कलावा और मौली वाली राखियां कम कीमत में मिल रही हैं, जबकि बच्चों और युवाओं के लिए लाइटिंग, कार्टून और आकर्षक डिजाइन वाली राखियों की कीमत उनके फीचर और डिजाइन के अनुसार बढ़ रही है।

बच्चों के लिए एलईडी और रोशनी वाली राखियां खास आकर्षण बनी हुई हैं। कुछ राखियों में बटन दबाने पर लाइट जलती है, जबकि कुछ हाथ की हलचल के साथ चमकती हैं। इनकी कीमत करीब 40 रुपये से 300 रुपये तक बताई जा रही है। वहीं अलग-अलग डिजाइन और वर्क वाली राखियां भी इसी रेंज में उपलब्ध हैं।

NFC स्मार्ट राखी में डिजिटल यादों का नया कनेक्शन

इस साल राखी बाजार में सबसे बड़ा बदलाव तकनीक से जुड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। एनएफसी तकनीक वाली स्मार्ट राखियां उन लोगों के लिए नया विकल्प बनकर सामने आई हैं, जो पारंपरिक त्योहार में डिजिटल जुड़ाव जोड़ना चाहते हैं।

दिखने में ये राखियां सामान्य राखियों जैसी होती हैं, लेकिन इनमें एक छोटी चिप लगी होती है। एनएफसी सुविधा वाले मोबाइल फोन से राखी को टैप करने पर एक डिजिटल पेज खुल सकता है। इसमें भाई-बहन की तस्वीरें, वीडियो, वॉयस मैसेज और खास संदेश सुरक्षित किए जा सकते हैं।

इन स्मार्ट राखियों की खासियत यह है कि चिप को चलाने के लिए अलग से बैटरी या चार्जिंग की जरूरत नहीं होती। मोबाइल फोन के पास लाने पर एनएफसी तकनीक काम करती है। कुछ राखियों में ऐप की जरूरत नहीं होती, जबकि एनएफसी सुविधा नहीं होने वाले फोन के लिए कुछ विकल्पों में क्यूआर कोड की सुविधा भी दी गई है।

ऑनलाइन उपलब्ध एनएफसी राखियों की कीमत करीब 499 रुपये से 699 रुपये तक बताई जा रही है। कुछ स्मार्ट राखियों में डिजिटल लिंक को बाद में अपडेट करने का विकल्प भी दिया जा रहा है।

बच्चों को पसंद आ रही एलईडी और टेक्नोलॉजी डिजाइन वाली राखियां

बच्चों की पसंद को ध्यान में रखते हुए बाजार में कई नए डिजाइन उतारे गए हैं। एनिमे, चिन चेन, निंजा जैसे कार्टून कैरेक्टर, ज्योमेट्रिक पैटर्न और एलईडी लाइट वाली राखियां बच्चों को आकर्षित कर रही हैं।

कुछ राखियों में बटन दबाने पर रोशनी जलती है, जबकि कुछ में हाथ की हलचल के साथ लाइट दिखाई देती है। इसके अलावा टेक्नोलॉजी थीम वाले मेटल बैंड भी बाजार में मौजूद हैं, जिनमें माइक्रोचिप और सर्किट पैटर्न जैसे डिजाइन दिए गए हैं।

चांदी की ब्रेसलेट राखियों का बढ़ा क्रेज

फैशन के साथ कीमती धातुओं वाली राखियों का ट्रेंड भी बदल रहा है। सोने की बढ़ती कीमतों के बीच इस बार चांदी की राखियों को लेकर लोगों की रुचि बढ़ी है।

सराफा बाजार में ब्रेसलेट स्टाइल चांदी की राखियां खास पसंद की जा रही हैं। कई ग्राहक ऐसी डिजाइन बनवा रहे हैं, जिन्हें पहले सोने में पसंद किया जाता था। चांदी के जेम्स स्टोन ब्रेसलेट भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, क्योंकि इन्हें राखी के अलावा सामान्य आभूषण की तरह भी पहना जा सकता है।

डिजाइन, वजन और काम के आधार पर चांदी की राखियों की कीमत करीब 375 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक पहुंच रही है।

स्वदेशी डिजाइन वाली राखियों की बढ़ी मांग

राखी कारोबार में स्वदेशी डिजाइन को लेकर भी बदलाव देखने को मिल रहा है। कारोबारियों के मुताबिक, पहले बाजार में बड़ी संख्या में विदेशी राखियां आती थीं, लेकिन अब ग्राहक भारतीय डिजाइन और बेहतर फिनिश वाली राखियों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।

राजकोट, अलवर, मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और अहमदाबाद जैसे शहरों से नए डिजाइन बाजार में पहुंच रहे हैं। इस बार राखी बाजार में परंपरा और आधुनिकता का अनोखा मेल देखने को मिल रहा है। एक तरफ मौली, कलावा और रुद्राक्ष जैसी पारंपरिक राखियां रिश्तों की भावनाओं को बनाए हुए हैं, तो दूसरी ओर ब्रेसलेट और एनएफसी स्मार्ट राखियां नए दौर की तकनीक से जुड़ रही हैं।

 

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