Thursday , 10 September 2026

‘नमक से जिंदा हो जाएगी बेटी’… सोशल मीडिया के अंधविश्वास ने बढ़ाया परिवार का दर्द, 18 महीने की मासूम के साथ हुआ दिल दहला देने वाला हादसा

नेशनल डेस्क : कर्नाटक के बागलकोट से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने सोशल मीडिया पर फैल रहे अंधविश्वास और भ्रामक दावों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां 18 महीने की एक मासूम बच्ची की पानी में डूबने से मौत हो गई, लेकिन बेटी को खोने का सदमा झेल रहे माता-पिता ने सोशल मीडिया पर वायरल एक दावे पर भरोसा कर ऐसा कदम उठा लिया, जिसने सभी को हैरान कर दिया।

बताया जा रहा है कि बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने उसे दोबारा जीवित करने की उम्मीद में घंटों तक नमक के ढेर में दबाकर रखा। हालांकि बाद में डॉक्टरों ने हस्तक्षेप कर परिवार को इस दावे की सच्चाई समझाई।

खेलते-खेलते पानी के गड्ढे में गिरी मासूम

घटना बागलकोट के नवनगर इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार 18 महीने की मासूम अमीना घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान वह पास में बने पानी से भरे गड्ढे में गिर गई।

परिजनों ने जब तक बच्ची को बाहर निकाला, तब तक काफी देर हो चुकी थी। पानी में डूबने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

सोशल मीडिया के दावे पर किया भरोसा

बेटी की अचानक मौत से टूट चुके माता-पिता किसी भी तरह उसे वापस पाना चाहते थे। इसी दौरान उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल एक दावा मिला, जिसमें कहा गया था कि यदि पानी में डूबे व्यक्ति के शरीर को कुछ घंटों तक नमक में दबाकर रखा जाए तो वह दोबारा जीवित हो सकता है।

इस भ्रामक जानकारी पर विश्वास करते हुए परिजनों ने बच्ची के चेहरे को छोड़कर पूरे शरीर को नमक के ढेर में दबा दिया। बताया जाता है कि करीब दो घंटे से अधिक समय तक बच्ची का शव नमक में रखा गया।

परिवार ने चमत्कार की उम्मीद में बच्ची के कानों के पास धार्मिक प्रार्थनाएं भी चलाईं, लेकिन कोई बदलाव नहीं हुआ।

डॉक्टरों ने समझाया, तब टूटा भ्रम

जब लंबे समय तक कोई परिणाम नहीं मिला तो अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने परिवार को समझाया कि नमक या किसी अन्य घरेलू उपाय से मृत व्यक्ति को दोबारा जीवित नहीं किया जा सकता।

चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह अवैज्ञानिक और भ्रामक है। डॉक्टरों की सलाह के बाद परिवार ने बच्ची के शव को नमक से बाहर निकाला। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया और अंतिम संस्कार किया गया।

क्या सचमुच नमक से जीवित हो सकता है कोई व्यक्ति?

विशेषज्ञों के अनुसार इसका जवाब स्पष्ट रूप से ‘नहीं’ है। चिकित्सा विज्ञान में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि नमक में रखने से मृत व्यक्ति दोबारा जीवित हो सकता है।

डॉक्टरों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति पानी में डूबता है तो उसके फेफड़ों में पानी भर जाता है और शरीर को ऑक्सीजन मिलनी बंद हो जाती है। कुछ ही मिनटों में मस्तिष्क को गंभीर क्षति पहुंच सकती है और मृत्यु हो सकती है। एक बार चिकित्सकीय रूप से मृत्यु हो जाने के बाद नमक, जड़ी-बूटी या किसी भी घरेलू उपाय से व्यक्ति को वापस जीवित नहीं किया जा सकता।

विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले अपुष्ट दावों और अंधविश्वासों पर भरोसा न करें। किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर अस्पताल पहुंचाना, प्राथमिक उपचार देना और प्रशिक्षित चिकित्सा सहायता प्राप्त करना ही जीवन बचाने का सबसे भरोसेमंद तरीका है।

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