
नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र के पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब साधारण हादसे से आगे बढ़कर कथित साजिश और हत्या के आरोपों के केंद्र में आ गया है। शुरुआती तौर पर इसे किले की ट्रैकिंग के दौरान हुई दुर्घटना माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे दावे सामने आए हैं जिन्होंने पूरे मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले में मृतक की मंगेतर और उसके कथित प्रेमी की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच व अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होंगे।
पहले हादसा बताया गया, जांच में बदली तस्वीर
जानकारी के अनुसार केतन अग्रवाल की मौत लोहागढ़ किले की यात्रा के दौरान हुई थी। शुरुआती बयान में इसे फिसलकर गहरी खाई में गिरने की घटना बताया गया था। हालांकि बाद में पुलिस ने घटनास्थल, बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की दिशा बदली।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस का दावा है कि यह घटना सामान्य दुर्घटना नहीं हो सकती और हत्या की आशंका पर जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया की तस्वीर और जांच के दावे
मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर केतन और उनकी मंगेतर के कई पुराने वीडियो और तस्वीरें चर्चा में आ गईं। इनमें दोनों सामान्य और खुशहाल नजर आ रहे थे। इसी वजह से यह मामला लोगों के बीच ज्यादा चर्चा का विषय बना।
हालांकि जांच एजेंसियां सोशल मीडिया पर मौजूद तस्वीरों और वास्तविक परिस्थितियों को अलग-अलग आधार पर देख रही हैं और डिजिटल गतिविधियों समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं।
परिवार का दावा- पहले भी हुई थी कोशिश
मृतक के परिवार ने दावा किया है कि घटना से कुछ दिन पहले भी एक ऐसी स्थिति बनी थी जिसमें केतन बाल-बाल बचे थे। परिवार का आरोप है कि उस समय जो वजह बताई गई थी, अब उसे नए नजरिए से देखा जा रहा है।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच अभी बाकी है।
शादी की तैयारियों के बीच मातम
परिवार के अनुसार आने वाले महीनों में शादी की तैयारियां चल रही थीं और बड़े स्तर पर आयोजन की योजना बनाई जा रही थी। लेकिन घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है।
जांच के बीच उठे बड़े सवाल
यह मामला एक बार फिर रिश्तों, भरोसे और व्यक्तिगत संबंधों को लेकर बहस का विषय बन गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि किसी रिश्ते में मतभेद या असहमति हो तो उसके समाधान के लिए कानूनी और सामाजिक रास्ते मौजूद हैं, जबकि किसी भी प्रकार की हिंसा गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस जांच जारी है और आगे आने वाले साक्ष्यों के आधार पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
Navyug Samachar