Thursday , 10 September 2026

भारत-नेपाल सीमा पर फिर बढ़ा तनाव: नेपाली ग्रामीणों पर सुरक्षाबलों से पथराव का आरोप, बिहार में 150-200 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

नेशनल डेस्क: भारत-नेपाल सीमा से सटे बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के संवेदनशील सुस्ता क्षेत्र में एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने आरोप लगाया है कि नेपाल के सुस्ता गांव के 150 से 200 ग्रामीणों ने सीमा क्षेत्र में निर्माण कार्य का विरोध करने पहुंचे जवानों पर पथराव किया और सरकारी कार्य में बाधा डाली। मामले में बिहार के वाल्मीकिनगर थाने में 150 से 200 अज्ञात नेपाली नागरिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

एसएसबी के अनुसार घटना के बाद कुछ समय के लिए सीमा क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना पर नेपाल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सीमा क्षेत्र में बांध निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद

एसएसबी की ओर से वाल्मीकिनगर थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, नेपाल के सुस्ता गांव के कुछ ग्रामीण भारत-नेपाल सीमा की ओर मिट्टी का बांध बना रहे थे। एसएसबी का कहना है कि यह दोनों देशों के बीच पहले से तय व्यवस्था का उल्लंघन था।

जवानों ने जब निर्माण कार्य का विरोध किया और नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल के अधिकारियों से बातचीत शुरू की, तभी बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

पथराव और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप

एसएसबी के आवेदन में आरोप लगाया गया है कि भीड़ ने जवानों के साथ गाली-गलौज की, सरकारी कार्य में बाधा डाली और लाठी-डंडों तथा पत्थरों के साथ आक्रामक हो गई। हालात बिगड़ने पर एसएसबी के जवान भारतीय सीमा की ओर लौट गए, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी कुछ लोग भारतीय क्षेत्र की ओर बढ़े और पथराव किया।

घटना के बाद सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

गश्त के दौरान सामने आया मामला

एसएसबी की 21वीं वाहिनी, बगहा के रमपुरवा कैंप प्रभारी अवधेश कुमार के आवेदन के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को उप कमांडेंट विशाल कुमार, मुख्य आरक्षी त्रिदेव प्रसाद, आरक्षी गोपाल कुमार और अन्य जवान नियमित गश्त के दौरान दोपहर करीब 2:15 बजे सुस्ता से सटे भारतीय सीमा क्षेत्र में पहुंचे थे। इसी दौरान कथित रूप से मिट्टी का बांध बनाए जाने की जानकारी सामने आई।

तीन दिन पहले बनी सहमति का उल्लंघन करने का आरोप

एसएसबी के मुताबिक 31 जुलाई 2026 को भारत और नेपाल के सुरक्षा अधिकारियों के बीच सुस्ता क्षेत्र को लेकर संयुक्त बैठक हुई थी। बैठक में यह सहमति बनी थी कि अंतिम निर्णय होने तक यथास्थिति बनाए रखी जाएगी और किसी भी प्रकार का नया निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा।

एसएसबी का आरोप है कि इसके बावजूद नेपाली ग्रामीणों ने बांध निर्माण शुरू कर दिया।

150 से 200 अज्ञात लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी

घटना को सीमा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर मानते हुए एसएसबी ने वाल्मीकिनगर थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने आवेदन के आधार पर वाल्मीकिनगर थाना कांड संख्या 119/26 दर्ज कर 150 से 200 अज्ञात नेपाली नागरिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

वाल्मीकिनगर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या है सुस्ता सीमा विवाद

सुस्ता भारत-नेपाल सीमा का एक संवेदनशील और लंबे समय से विवादित क्षेत्र है। गंडक (नारायणी) नदी की धारा समय-समय पर बदलने के कारण इस इलाके की सीमा को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। इसी वजह से इस क्षेत्र में किसी भी निर्माण गतिविधि या सीमा संबंधी घटनाक्रम पर दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्क रहती हैं।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्र में बोलबम यात्रा को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद भी हुआ था, जिसमें गोलीबारी की घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी।

 

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