
यूपी डेस्क : उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में डॉक्टरों की कमी दूर करने के उद्देश्य से सरकार 3000 चिकित्सकों की संविदा पर भर्ती करेगी। इस पहल का मकसद ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को नियमित और पारदर्शी बनाने के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत वर्ष में दो बार रिक्त पदों के लिए विज्ञापन जारी किए जाएंगे, ताकि खाली पदों को जल्द भरा जा सके।
हर महीने होगी चयन प्रक्रिया
अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने पीएचसी और सीएचसी के लिए संविदा चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी रिक्त पदों का विवरण संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने को कहा है।
नई व्यवस्था के तहत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नियुक्ति समिति गठित की जाएगी। यह समिति प्रत्येक माह की 15 तारीख को प्राप्त आवेदनों के आधार पर साक्षात्कार आयोजित कर चयन प्रक्रिया पूरी करेगी।
डॉक्टरों को मिलेगा आकर्षक मानदेय
सरकार द्वारा जारी व्यवस्था के अनुसार संविदा पर नियुक्त एमबीबीएस डॉक्टरों को एक लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। वहीं विशेषज्ञ चिकित्सकों को ढाई लाख रुपये प्रतिमाह तक का मानदेय मिलेगा।
इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के चिकित्सकों की तरह संविदा डॉक्टरों को भी हर वर्ष मानदेय में पांच प्रतिशत की वृद्धि का लाभ दिया जाएगा।
दुर्गम क्षेत्रों में सेवा देने वालों को विशेष लाभ
सरकार ने चिकित्सकों को दूरस्थ और डॉक्टरों की कमी वाले क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने का भी फैसला किया है। ऐसे जिलों और ब्लॉकों में तैनात विशेषज्ञ चिकित्सकों को तीन लाख रुपये प्रतिमाह तक मानदेय दिया जा सकेगा।
सरकार का मानना है कि बेहतर वेतन और अतिरिक्त सुविधाओं से अधिक संख्या में डॉक्टर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देने के लिए आगे आएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर
राज्य सरकार की यह पहल उन क्षेत्रों में विशेष रूप से राहत पहुंचा सकती है जहां लंबे समय से चिकित्सकों के पद खाली पड़े हैं। भर्ती पूरी होने के बाद पीएचसी और सीएचसी स्तर पर मरीजों को बेहतर इलाज और विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
Navyug Samachar