Thursday , 10 September 2026

पूर्व ARTO के घर खुला करोड़ों का खजाना! छापे में मिला 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और 35 करोड़ की संपत्ति, विजिलेंस भी रह गई दंग

यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विजिलेंस को बड़ी सफलता मिली है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार के लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी वाले आवास पर छापेमारी के दौरान करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। कार्रवाई में भारी मात्रा में नकदी, सोना, चांदी, चल-अचल संपत्तियों और निवेश से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

1.62 करोड़ नकद, 13 किलो सोना और 9 किलो चांदी बरामद

विजिलेंस के आधिकारिक बयान के मुताबिक तलाशी के दौरान घर के अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए करीब 1.62 करोड़ रुपये नकद मिले। इसके अलावा 13 किलोग्राम सोना और 9 किलोग्राम चांदी भी बरामद की गई। सोना बार, बिस्किट और आभूषणों के रूप में मिला, जबकि चांदी बार, बिस्किट और आभूषणों के रूप में बरामद हुई। सरकारी मान्यता प्राप्त मूल्यांकनकर्ता के अनुसार सोना-चांदी और आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है।

करोड़ों की जमीन, मकान और फ्लैटों के दस्तावेज भी मिले

छापेमारी के दौरान विजिलेंस टीम को कई चल और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। इनमें लखनऊ में कई मकान और प्लॉट, लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली में कृषि भूमि के रिकॉर्ड तथा लखनऊ और नोएडा में फ्लैट बुकिंग से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इन अचल संपत्तियों का मूल्य करीब 13 करोड़ रुपये बताया गया है।

बैंक निवेश और लग्जरी सामान भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान बैंक जमा, डाकघर बचत योजनाओं, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में एक करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। इसके अलावा घर से टोयोटा इनोवा, हुंडई आई-20 कार और एक रिवॉल्वर भी मिली है। विजिलेंस ने घर में मौजूद महंगे फर्नीचर और अन्य कीमती घरेलू सामान का भी पूरा ब्योरा तैयार किया है।

दो दिन तक चली विजिलेंस की कार्रवाई

विजिलेंस टीम ने मंगलवार और बुधवार को लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में स्थित आवास पर लगातार दो दिन तक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई न्यायालय से तलाशी वारंट मिलने के बाद की गई। जांच में ज्ञात आय से अधिक संपत्ति के प्राथमिक साक्ष्य मिलने पर ललित कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच उत्तर प्रदेश विजिलेंस स्थापना के लखनऊ सेक्टर द्वारा राज्य सरकार के निर्देश पर की जा रही है।

संपत्तियों का सत्यापन जारी, आगे होगी कानूनी कार्रवाई

विजिलेंस स्थापना ने बताया कि तलाशी में बरामद सभी संदिग्ध संपत्तियों और निवेश संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच में शामिल करते हुए नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली लखनऊ सेक्टर की टीम को उत्तर प्रदेश विजिलेंस स्थापना के पुलिस महानिदेशक एवं निदेशक ने एक लाख रुपये के नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

 

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