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आईफोन से 15 साल पहले आ गया था दुनिया का पहला स्मार्टफोन! 32 साल पुरानी इस तकनीक ने बदल दी थी मोबाइल की दुनिया

टेक डेस्क: आज स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि दुनिया का पहला स्मार्टफोन तीन दशक से भी ज्यादा पहले बाजार में आ चुका था। उस दौर में जब मोबाइल फोन केवल कॉल करने तक सीमित थे, तब एक कंपनी ने ऐसा उपकरण तैयार किया था जो ईमेल भेज सकता था, कैलेंडर संभाल सकता था और टचस्क्रीन के जरिए संचालित होता था। इस क्रांतिकारी डिवाइस का नाम था ‘साइमन’।

1992 में दुनिया के सामने आया था पहला स्मार्टफोन

23 नवंबर 1992 को अमेरिका के लास वेगास में आयोजित एक प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी के दौरान इस डिवाइस को पहली बार पेश किया गया था। इसे विकसित करने का काम आईबीएम ने किया था। उस समय यह उपकरण अपनी तकनीक और क्षमताओं के कारण दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया था।

हालांकि इसे व्यावसायिक रूप से बाद में बाजार में उतारा गया, लेकिन तकनीकी दुनिया में इसे पहला स्मार्टफोन माना जाता है।

फोन और कंप्यूटर का अनोखा मेल था साइमन

साइमन को उस दौर के मोबाइल फोन और पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट का मिश्रण कहा जाता था। यह केवल कॉल करने वाला उपकरण नहीं था, बल्कि एक छोटे कंप्यूटर की तरह भी काम करता था।

फोन में मोनोक्रोम टचस्क्रीन दी गई थी, जिसे स्टायलस की मदद से संचालित किया जाता था। उस समय अधिकांश मोबाइल फोन बटन आधारित होते थे, इसलिए टचस्क्रीन तकनीक अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी गई थी।

इन सुविधाओं ने बनाया था खास

साइमन में कई ऐसे फीचर मौजूद थे जो उस समय के लिए बेहद आधुनिक माने जाते थे। इसमें एड्रेस बुक, कैलकुलेटर, कैलेंडर, नोटपैड, वर्ल्ड क्लॉक, ईमेल, स्केच पैड और फैक्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध थीं।

आज जिन कार्यों के लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल किया जाता है, उनमें से कई सुविधाएं उस दौर में ही इस डिवाइस में शामिल कर दी गई थीं।

आज भी संग्रहालय में सुरक्षित है यह फोन

तकनीकी इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाने वाले इस स्मार्टफोन को आज भी संरक्षित रखा गया है। यह फोन लंदन के साइंस म्यूजियम में प्रदर्शित किया गया है, जहां लोग इसे देख सकते हैं।

बैटरी और कीमत बनी सबसे बड़ी चुनौती

तकनीकी रूप से उन्नत होने के बावजूद साइमन को बाजार में बड़ी सफलता नहीं मिल सकी। इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बैटरी थी, जो सामान्य उपयोग में लगभग एक घंटे तक ही चलती थी।

इसके अलावा फोन की कीमत भी काफी ज्यादा थी। वर्ष 1994 में इसे करीब 899 डॉलर में लॉन्च किया गया था, जो मौजूदा भारतीय मुद्रा के हिसाब से लगभग 85 हजार रुपये से अधिक बैठती है।

सिर्फ 50 हजार यूनिट ही बिक सकीं

उच्च कीमत और सीमित बैटरी बैकअप के कारण यह फोन आम लोगों की पहुंच से बाहर रहा। बाजार में लगभग छह महीने तक रहने के दौरान इसकी करीब 50 हजार यूनिट ही बिक सकीं।

भले ही साइमन व्यावसायिक रूप से बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाया, लेकिन इसने आधुनिक स्मार्टफोन युग की नींव रखी और आने वाली तकनीकी क्रांति का रास्ता तैयार किया।

 

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