Monday , 5 October 2026

‘चलो संसद’ मार्च आज, दिल्ली हाई अलर्ट पर! 5,000 जवान तैनात, धारा 163 लागू, कई इलाकों में कड़ी सुरक्षा

नेशनल डेस्क: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ सोमवार को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च होने जा रहा है। नीट पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर आयोजित इस मार्च के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर से लेकर संसद क्षेत्र तक 5,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है और पुलिस पूरी तरह सतर्क है।

दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस, सेंट्रल विस्टा और शंकर चौक समेत संवेदनशील इलाकों में तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। इसमें दिल्ली पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमें भी अलर्ट मोड पर रखी गई हैं।

केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर प्रतिबंध

सुरक्षा व्यवस्था के तहत केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के सभी प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने जंतर-मंतर और संसद क्षेत्र में बढ़ती भीड़ तथा सुरक्षा कारणों को देखते हुए यह कदम उठाया है। स्टेशन परिसर में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है और आम यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है।

दिल्ली पुलिस ने मार्च की अनुमति से किया इनकार

नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया है कि CJP के प्रस्तावित संसद मार्च या किसी अन्य रैली के लिए पुलिस से कोई अनुमति नहीं ली गई है और प्रशासन की ओर से भी इसकी मंजूरी नहीं दी गई है। उन्होंने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

धारा 163 लागू, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने, धरना देने और बैनर-पोस्टर के साथ प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इन मांगों को लेकर आंदोलन पर अड़ा CJP

CJP ने अपने आंदोलन के केंद्र में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं के परिणामों में हो रही देरी और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रहा है।

सोनम वांगचुक ने सरकार के सामने रखीं शर्तें

सफदरजंग अस्पताल में भर्ती पर्यावरण और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा है कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था की हालिया विफलताओं और पेपर लीक के मामलों पर जिम्मेदारी तय करने का ठोस आश्वासन देती है तो वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने पर विचार करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें CJP के नेताओं के साथ शांतिपूर्वक संसद तक जाने की अनुमति दी जाए, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद छात्रों के मुद्दे संसद में उठाने का भरोसा दें। यदि स्वास्थ्य कारणों से वह मार्च में शामिल नहीं हो पाते हैं तो सांसद अस्पताल पहुंचकर उन्हें लिखित आश्वासन दें। वांगचुक ने आरोप लगाया कि उन्हें अस्पताल में गैर-कानूनी तरीके से रोका गया है और उनकी स्वतंत्र आवाजाही तथा अभिव्यक्ति पर प्रतिबंध लगाया गया है।

 

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