
नेशनल डेस्क: संसद के मॉनसून सत्र के बीच राजधानी दिल्ली में एक बार फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर हलचल तेज हो गई है। सोमवार को हुए हंगामे के बाद मंगलवार सुबह कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के अध्यक्ष अभिजीत दिपके करीब 100 समर्थकों के साथ दोबारा जंतर-मंतर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों की वापसी के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
सोमवार के घटनाक्रम के बाद फिर धरना स्थल पर पहुंचे समर्थक
सोमवार को हुए हंगामे के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर जंतर-मंतर खाली करा दिया था। इसके बाद अभिजीत दिपके अपने समर्थकों के साथ मुख्य धरना स्थल से करीब 500 मीटर दूर केरल हाउस के बाहर रातभर डटे रहे। मंगलवार तड़के वह अपने समर्थकों के साथ फिर निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए, जिसके बाद प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी।
जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रदर्शनकारियों के दोबारा एकत्र होने के बाद जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में दिल्ली पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस पूरे इलाके में लगातार निगरानी कर रही है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
दिल्ली पुलिस ने 5 राज्यों के डीजीपी को भेजा पत्र
संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान के पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) को पत्र भेजा है। पत्र में संबंधित राज्यों से दिल्ली की ओर आने वाले प्रदर्शनकारियों को सीमा पर रोकने और आवश्यक होने पर उन्हें समझाकर वापस भेजने में सहयोग की अपील की गई है।
सीमाओं पर बढ़ी चौकसी, जिला स्तर पर जारी हुआ अलर्ट
दिल्ली पुलिस ने अपने पत्र में कहा है कि संसद का मॉनसून सत्र जारी होने के कारण कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पत्र मिलने के बाद संबंधित राज्यों के पुलिस प्रशासन ने जिला स्तर के अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं, दिल्ली की सीमाओं पर जांच अभियान भी तेज कर दिया गया है ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके।
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