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1 अगस्त से यूपी में लागू हुई स्मार्ट RC व्यवस्था, कागजी रजिस्ट्रेशन खत्म; QR कोड और चिप से मिनटों में होगी जांच, फर्जीवाड़े पर सख्त लगाम

यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश में वाहन पंजीकरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू हो गया है। 1 अगस्त 2026 से राज्य में खरीदे जाने वाले नए वाहनों के लिए अब पारंपरिक कागजी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) जारी नहीं किया जाएगा। इसकी जगह एटीएम कार्ड जैसी स्मार्ट RC दी जाएगी, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोचिप और QR कोड मौजूद होगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य वाहन संबंधी दस्तावेजों को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और डिजिटल बनाना है। साथ ही इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने, पुलिस जांच को तेज करने और वाहन मालिकों को बेहतर सुविधा देने का दावा किया गया है।

कागजी RC की जगह अब मिलेगी स्मार्ट RC

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने राज्य में वाहन पंजीकरण प्रणाली को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में यह नई व्यवस्था लागू की है। परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देश पर 1 अगस्त से नई प्रणाली प्रभावी हो गई है। अब इस तारीख के बाद खरीदे जाने वाले सभी नए वाहनों के लिए केवल स्मार्ट RC जारी की जाएगी। विभाग का कहना है कि इससे वाहन दस्तावेज अधिक सुरक्षित होंगे और उन्हें सत्यापित करना पहले की तुलना में आसान हो जाएगा।

एटीएम कार्ड जैसी होगी नई स्मार्ट RC

नई स्मार्ट RC का आकार डेबिट या क्रेडिट कार्ड की तरह होगा। इसे मजबूत प्लास्टिक सामग्री से तैयार किया जाएगा, जिससे यह आसानी से खराब नहीं होगी। कार्ड में सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोचिप लगी होगी, जबकि इसके सामने QR कोड प्रिंट रहेगा। जांच के दौरान अधिकारी QR कोड स्कैन करके वाहन की जानकारी कुछ ही सेकंड में प्राप्त कर सकेंगे।

माइक्रोचिप और QR कोड में सुरक्षित रहेगा पूरा रिकॉर्ड

स्मार्ट RC में वाहन और उसके मालिक से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सुरक्षित रूप से दर्ज रहेंगी। इसमें इंजन नंबर, चेसिस नंबर, वाहन का प्रकार, ईंधन का प्रकार, मालिक का नाम और पता जैसी सूचनाएं एन्क्रिप्टेड स्वरूप में स्टोर की जाएंगी।

QR कोड स्कैन करते ही संबंधित वाहन का रिकॉर्ड केंद्रीय डेटाबेस से उपलब्ध हो जाएगा। इसके माध्यम से बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC), टैक्स भुगतान और अन्य आवश्यक जानकारियां भी तुरंत देखी जा सकेंगी।

ट्रैफिक जांच होगी पहले से ज्यादा तेज

अब तक वाहन जांच के दौरान पुलिस और आरटीओ अधिकारियों को रजिस्ट्रेशन नंबर मैन्युअली दर्ज करना पड़ता था, जिससे समय लगता था और त्रुटि की संभावना भी रहती थी। नई स्मार्ट RC लागू होने के बाद अधिकारी मोबाइल या हैंडहेल्ड स्कैनर से QR कोड स्कैन कर कुछ ही सेकंड में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे जांच प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी होगी।

पुरानी कागजी RC को भी स्मार्ट कार्ड में बदल सकेंगे

यह सुविधा केवल नए वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहेगी। जिन लोगों के पास पहले से कागजी RC मौजूद है, वे भी इसे स्मार्ट RC में बदलवा सकेंगे।

इसके लिए वाहन मालिक वाहन (VAHAN) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित शुल्क जमा कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई स्मार्ट RC स्पीड पोस्ट के जरिए पंजीकृत पते पर भेजी जाएगी।

फर्जी दस्तावेज और चोरी के वाहनों पर लगेगी रोक

परिवहन विभाग का मानना है कि स्मार्ट RC लागू होने से वाहन संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी। एक ही नंबर पर दो वाहन चलाना, फर्जी RC तैयार करना और चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री जैसे मामलों की पहचान पहले से अधिक आसान होगी।

कार्ड में सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक चिप होने के कारण उसमें छेड़छाड़ करना या नकली दस्तावेज तैयार करना बेहद मुश्किल माना जा रहा है।

डिजिटल परिवहन व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

उत्तर प्रदेश में पहले से ही चिप और QR कोड आधारित स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। अब स्मार्ट RC लागू होने के बाद वाहन संबंधी दस्तावेज भी पूरी तरह डिजिटल और अधिक सुरक्षित हो जाएंगे। इसे डिजिटल गवर्नेंस और स्मार्ट परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वाहन मालिकों को मिलेंगे कई व्यावहारिक लाभ

नई स्मार्ट RC के लागू होने से कागजी दस्तावेज के खराब होने या खोने की चिंता कम होगी। वाहन जांच के दौरान दस्तावेजों का सत्यापन तेजी से हो सकेगा। फर्जीवाड़े की संभावना घटेगी और डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से वाहन संबंधी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनेंगी।

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