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19 फीट का गड्ढा और खतरे में चीन की ऐतिहासिक दीवार! कोयला खनन के चक्कर में कैसे हुआ इतना बड़ा नुकसान?

बीजिंग: चीन की ऐतिहासिक ग्रेट वॉल को नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, दीवार के एक हिस्से में करीब 6 मीटर यानी 19 फीट का गड्ढा हो गया है। इसके पीछे आसपास चल रहे कोयला खनन को जिम्मेदार माना जा रहा है। मामले में कार्रवाई करते हुए खनन कंपनी पर भारी जुर्माना लगाया गया है, जबकि कंपनी के कुछ अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है।

चीन की ग्रेट वॉल दुनिया की सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक संरचनाओं में शामिल है। इसका निर्माण अलग-अलग चरणों में हुआ था। मिंग राजवंश के शासनकाल यानी 1368 से 1644 के बीच भी इसके बड़े हिस्सों का निर्माण और विस्तार किया गया। उत्तरी चीन में फैली इस दीवार की कुल लंबाई करीब 21 हजार किलोमीटर बताई जाती है। यह चीन की ऐतिहासिक विरासत के साथ-साथ प्रमुख पर्यटन स्थलों में भी शामिल है।

कैसे हुआ दीवार में 19 फीट का गड्ढा?

चीन के सरकारी टेलीविजन चैनल सीसीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, गुओजियायाओ इलाके में ग्रेट वॉल को नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है। यहां वर्ष 2007 में कोयला खनन की शुरुआत हुई थी। आरोप है कि खनन का काम करने वाली कंपनी ने दीवार की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा।

जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2015 में पहली बार दीवार में गड्ढा दिखाई दिया था। समय के साथ इसका आकार बढ़ता गया और अब यह करीब 6 मीटर यानी 19 फीट तक पहुंच गया है। अधिकारियों का कहना है कि खदान से निकलने वाले कचरे को हटाने के लिए दीवार में छेद किया गया था, जिससे ऐतिहासिक संरचना को नुकसान पहुंचा।

खनन कंपनी पर जुर्माना, अधिकारियों को हिरासत में लिया गया

मामले की जानकारी सामने आने के बाद चीनी अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक, खनन कंपनी पर 1.5 लाख डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा कंपनी के अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है।

अधिकारियों ने इस घटना को लापरवाही से जुड़ा मामला माना है। दीवार को हुए नुकसान और इसके पीछे की परिस्थितियों को लेकर जांच की गई, जिसके बाद कंपनी के खिलाफ कदम उठाए गए।

ग्रेट वॉल की सुरक्षा के लिए चीन में सख्त कानून

चीन सरकार ने वर्ष 2006 में ग्रेट वॉल की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाया था। इसके तहत दीवार को नुकसान पहुंचाने पर प्रतिबंध है। इसके आसपास के क्षेत्रों में भी बिना अनुमति निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता।

नियमों के मुताबिक, दीवार के आसपास किसी तरह की गतिविधि से पहले निर्धारित प्रक्रियाओं और अनुमति का पालन करना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर भूमिगत सुरंग बनाई जा सकती है, लेकिन इसके लिए दीवार को तोड़ने की अनुमति नहीं है।

ऐसे में खनन गतिविधियों के दौरान ऐतिहासिक संरचना को पहुंचा नुकसान चीन की विरासत के संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

 

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