
लखनऊ डेस्क : पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून का इंतजार लंबा हो गया है, लेकिन अब राहत के संकेत दिखाई देने लगे हैं। मौसम के ताजा आकलन के अनुसार इस बार पूर्वी यूपी में मानसून करीब 12 दिन की देरी से पहुंच रहा है। अनुमान है कि 28 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इससे पहले अगले तीन दिनों तक लोगों को तेज गर्मी और लू जैसे हालात का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल जिस समय बादलों की सक्रियता दिखनी चाहिए थी, उस समय तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी सबसे बड़ी वजह बिहार में मानसून का ठहराव रही, लेकिन अब वहां इसकी गतिविधियां तेज होने लगी हैं और आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
शुक्रवार तक हीटवेव का असर, शनिवार से बदल सकता है मौसम
पूर्वी यूपी में बुधवार से शुक्रवार तक गर्म हवाओं और उमस का असर बना रहने की संभावना जताई गई है। दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। वहीं हवा में नमी अधिक होने के कारण गर्मी का वास्तविक अहसास इससे कहीं ज्यादा रहेगा और हीट इंडेक्स 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
गोरखपुर में सोमवार को हुई हल्की बारिश का असर अगले दिन नहीं दिखा और मंगलवार को लोग फिर गर्मी से परेशान नजर आए। मंगलवार को अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक रहा।
बिहार में मानसून की चाल तेज, यूपी के लिए बढ़ी उम्मीद
मौसम विभाग की बिहार से जुड़ी ताजा स्थिति ने उत्तर प्रदेश के लिए राहत की उम्मीद बढ़ा दी है। मंगलवार से बिहार में मानसून सक्रिय हुआ है और वहां इसकी प्रगति बेहतर दर्ज की गई है। अब जैसे-जैसे मानसून आगे बढ़ेगा, उसका असर यूपी के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखने लगेगा।
बताया गया है कि बुधवार तक मानसून यूपी सीमा से लगे पश्चिमी और पूर्वी चंपारण क्षेत्र तक पहुंच सकता है। ऐसे में कानपुर समेत आसपास के इलाकों में 25 या 26 जून से मानसून पूर्व बौछारें शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
29 जून तक कानपुर पहुंच सकता है मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बिहार में बनी सक्रियता अगर इसी तरह जारी रही तो 29 जून तक मानसून कानपुर तक पूरी तरह पहुंच सकता है। हालांकि इसकी गति इस बात पर भी निर्भर करेगी कि बंगाल की खाड़ी से कितनी नमी मिलती है और पूर्वी हवाओं की स्थिति कैसी रहती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून किसी तय सीमा में नहीं चलता और अनुकूल परिस्थितियां मिलते ही तेजी से आगे बढ़ता है। इसी वजह से अब संभावना मजबूत मानी जा रही है कि उत्तर प्रदेश जून के भीतर ही मानसूनी बारिश देख सकेगा।
किसानों के लिए राहत की उम्मीद
मानसून में देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन अब बदले हालात से राहत की उम्मीद जगी है। जून में ही बारिश की संभावना बनने से खेती-किसानी से जुड़े लोगों को बड़ा सहारा मिल सकता है।
Navyug Samachar