
शिक्षा डेस्क: ओडिशा में सिविल सेवा और अन्य सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में भर्ती नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव को मंजूरी दी गई। अब ओडिशा सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के लिए निर्धारित 6 प्रयासों की अधिकतम सीमा खत्म कर दी गई है। इसके साथ ही राज्य की विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 42 वर्ष कर दी गई है।
सिविल सेवा परीक्षा में अब नहीं रहेगी 6 प्रयासों की सीमा
ओडिशा लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित ओडिशा सिविल सेवा परीक्षा में पहले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को अधिकतम 6 बार परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलता था। कैबिनेट के नए फैसले के बाद यह सीमा समाप्त कर दी गई है।
अब अभ्यर्थी निर्धारित आयु सीमा के भीतर रहते हुए जितनी बार चाहें, परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। यानी परीक्षा में बैठने के लिए प्रयासों की संख्या की कोई अधिकतम सीमा नहीं रहेगी।
सरकारी नौकरियों में अधिकतम आयु 42 वर्ष
राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए अधिकतम आयु सीमा में भी बड़ा बदलाव किया है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए विभिन्न सरकारी पदों पर आवेदन की अधिकतम आयु सीमा, जो पहले 32 या 38 वर्ष तक थी, उसे स्थायी रूप से बढ़ाकर 42 वर्ष कर दिया गया है।
इस बदलाव से ऐसे अभ्यर्थियों को भी सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा, जिनकी उम्र पहले निर्धारित सीमा पार कर चुकी थी।
आरक्षित वर्ग को 5 साल की अतिरिक्त छूट
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या एसईबीसी, महिलाओं और पूर्व सैनिकों को नियमों के तहत आयु सीमा में 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट मिलती रहेगी। नए प्रावधान के आधार पर इन वर्गों के पात्र अभ्यर्थी 47 वर्ष की उम्र तक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
कोविड और परीक्षा में देरी को बताया वजह
राज्य सरकार के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में कोरोना महामारी, तकनीकी बदलाव और परीक्षाओं के स्थगित होने जैसी परिस्थितियों का असर अभ्यर्थियों की तैयारी पर पड़ा। कई उम्मीदवारों के प्रयास और आयु सीमा भी इन परिस्थितियों के कारण समाप्त हो गई।
सरकार ने यह भी ध्यान में रखा कि संघ लोक सेवा आयोग और कई अन्य राज्यों में अभ्यर्थियों को प्रयास तथा आयु सीमा से जुड़े मामलों में अलग-अलग स्तर पर राहत दी गई है।
लंबे समय से की जा रही थी मांग
ओडिशा के अभ्यर्थी लंबे समय से सिविल सेवा परीक्षा में प्रयासों की सीमा खत्म करने और अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि सीमित अवसर और आयु सीमा के कारण कई योग्य उम्मीदवार अपनी क्षमता साबित करने का पर्याप्त मौका नहीं पा सके।
कैबिनेट के फैसले के बाद ऐसे अभ्यर्थियों को दोबारा तैयारी का अवसर मिलेगा, जो प्रयासों की सीमा या आयु सीमा के कारण परीक्षा से बाहर हो गए थे। सरकार के इस फैसले से राज्य में सिविल सेवा और अन्य सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
Navyug Samachar