
नेशनल डेस्क: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार पूरे देश को कवर कर लिया है। गुरुवार को मानसून राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों तक भी पहुंच गया, जिसके साथ ही पूरे भारत में इसकी दस्तक पूरी हो गई। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ वर्षा को लेकर अलर्ट जारी किया है।
पूरे देश में छाया मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, इस वर्ष मानसून ने केरल में चार जून को प्रवेश किया था, जबकि सामान्य तौर पर इसका आगमन एक जून को माना जाता है। शुरुआती देरी के बावजूद मानसून ने पूरे देश को कवर करने में सामान्य समय से केवल एक दिन अधिक लिया। आमतौर पर यह प्रक्रिया आठ जुलाई तक पूरी हो जाती है।
जुलाई में बारिश ने पकड़ी रफ्तार
जून में सामान्य से करीब 40 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज होने के बाद जुलाई के शुरुआती दिनों में मानसून सक्रिय हो गया है। आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई के पहले नौ दिनों में देशभर में सामान्य 73.8 मिलीमीटर के मुकाबले 101.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो औसत से अधिक है।
बारिश की कमी में आई बड़ी गिरावट
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक जून से नौ जुलाई के बीच देश में कुल वर्षा की कमी घटकर 14 प्रतिशत रह गई है। इससे पहले जून के अंत तक बारिश का घाटा कहीं अधिक था। विभाग ने पहले ही जुलाई के शुरुआती सप्ताह में व्यापक वर्षा की संभावना जताई थी।
खरीफ की बुवाई को मिला सहारा
पिछले एक सप्ताह के दौरान मानसून की सक्रियता ऐसे समय बढ़ी है जब देशभर में खरीफ फसलों की बुवाई अपने चरम पर है। कई इलाकों में कम बारिश के कारण किसान बुवाई को लेकर परेशान थे, लेकिन अब अच्छी वर्षा से खेती-किसानी की गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के साथ ही दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
Navyug Samachar