Wednesday , 7 October 2026

IIT कानपुर को मिली 10 करोड़ की ‘गुरु दक्षिणा’! पूर्व छात्र ने दान किए 1.15 मिलियन डॉलर, बोले- यहीं से मिली सफलता की नींव

यूपी डेस्क : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर को उसके एक पूर्व छात्र ने ऐसी गुरु दक्षिणा दी है, जिसने पूरे शैक्षणिक जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। संस्थान के पूर्व छात्र जगजीत सिंह बिंद्रा ने आईआईटी कानपुर की शैक्षणिक और अनुसंधान सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए 1.15 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 10 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि उनके पेशेवर जीवन की मजबूत नींव इसी संस्थान ने तैयार की और यह योगदान देना उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है।

यह धनराशि आईआईटी कानपुर में एक अत्याधुनिक केमिकल इंजीनियरिंग एनेक्स के निर्माण पर खर्च की जाएगी। संस्थान का मानना है कि इससे केमिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के विकास को नई गति मिलेगी।

कौन हैं जगजीत सिंह बिंद्रा?

जगजीत सिंह बिंद्रा आईआईटी कानपुर के 1969 बैच के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने संस्थान से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। वैश्विक कॉर्पोरेट जगत में उनका लंबा और प्रतिष्ठित अनुभव रहा है। वे कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के निदेशक मंडल का हिस्सा रह चुके हैं और उद्योग जगत में एक प्रतिष्ठित नाम माने जाते हैं।

4 हजार वर्गमीटर में बनेगा अत्याधुनिक केंद्र

संस्थान द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस योगदान से बनने वाले नए भवन का नाम “जेनिस एवं जगजीत बिंद्रा केमिकल इंजीनियरिंग एनेक्स” रखा जाएगा। लगभग 4,000 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित होने वाला यह केंद्र शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार का आधुनिक हब बनेगा।

इस भवन में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं, संकाय कार्यालय और सहयोगात्मक अनुसंधान स्थल विकसित किए जाएंगे। इसके जरिए सतत प्रौद्योगिकी, कम्प्यूटेशनल कैटालिसिस, जैव-प्रौद्योगिकी और एडवांस्ड मैटेरियल्स जैसे उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

‘यह मेरा सौभाग्य और सम्मान’

अपने योगदान पर प्रतिक्रिया देते हुए जगजीत सिंह बिंद्रा ने कहा कि आईआईटी कानपुर की उत्कृष्ट शिक्षा ने उनके पेशेवर करियर की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि संस्थान के लिए योगदान देना उनके लिए गर्व, सम्मान और सौभाग्य की बात है। उन्होंने अपने इस सहयोग को विनम्रतापूर्वक एक छोटा योगदान बताया।

संस्थान ने जताया आभार

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि जगजीत सिंह बिंद्रा लंबे समय से संस्थान के सहयोगी और योगदानकर्ता रहे हैं। उनके इस सहयोग से केमिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में शिक्षा, नवाचार और अनुप्रयुक्त अनुसंधान के नए अवसर तैयार होंगे।

संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार जगजीत सिंह बिंद्रा पहले भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं। उनकी ओर से स्थापित ‘जीत बिंद्रा यूनिट ऑपरेशंस एंड इनोवेशन लैब’ और ‘स्पेशलिटी केमिकल्स में उत्कृष्टता केंद्र’ पहले से संचालित हैं और छात्रों व शोधकर्ताओं को लाभ पहुंचा रहे हैं।

 

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