
टेक डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर को नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का उद्घाटन किया। 7 से 10 अक्टूबर तक आयोजित हो रहा यह आयोजन इस बार अपने 10वें संस्करण में पहुंच गया है। उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने देश में मोबाइल और टेलीकॉम कनेक्टिविटी के विस्तार से लेकर डिजिटल शिक्षा, सरकारी योजनाओं, साइबर सुरक्षा और भविष्य की तकनीकों तक कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने अभिनेता नाना पाटेकर को भी श्रद्धांजलि दी।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में मोबाइल फोन गवर्नेंस के एक महत्वपूर्ण टूल के रूप में सामने आया है और यह डिजिटल इंडिया की रीढ़ बन गया है। आज दूर-दराज के गांवों में रहने वाले और गरीब परिवारों के बच्चे भी मोबाइल की मदद से बेहतर शिक्षा हासिल कर पा रहे हैं।
कोरोना के दौर में भी मोबाइल और तकनीक आई काम
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी मोबाइल और नई तकनीक की वजह से काम और पढ़ाई जारी रखना संभव हुआ। दूर-दराज के गांवों के बच्चों तक भी डिजिटल लर्निंग पहुंची। उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा के लिए ‘दीक्षा’ प्लेटफॉर्म का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि अब सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ भी आम लोगों तक आसानी से पहुंच रहा है। भारत में टेलीकॉम सेक्टर का विस्तार हुआ है और दूर-दराज के इलाकों तक कनेक्टिविटी पहुंची है। इसके साथ ही डेटा भी पहले की तुलना में किफायती हुआ है।
गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन भी तेजी से बढ़ा
पीएम मोदी ने गेमिंग सेक्टर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत में 50 करोड़ लोग किसी न किसी तरह गेमिंग सेक्टर से जुड़े हैं। लोग गेमिंग से जुड़ने के साथ ई-स्पोर्ट्स में भी योगदान दे रहे हैं।
सस्ते डेटा का फायदा गेमिंग के साथ-साथ कंटेंट क्रिएशन इंडस्ट्री को भी मिला है। भारत में कंटेंट क्रिएशन की इंडस्ट्री अब हजारों करोड़ रुपये की हो चुकी है।
साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क की जरूरत
प्रधानमंत्री ने फोन और नेटवर्क की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए साइबर फ्रॉड और साइबर क्राइम की चुनौती पर भी बात की। उन्होंने कहा कि लोगों को अब यह पता रहता है कि फोन कौन कर रहा है और मैसेज किसकी ओर से आया है। साथ ही फर्जी कॉल और मैसेज की पहचान को लेकर भी जागरूकता बढ़ी है।
पीएम मोदी ने कहा कि साइबर फ्रॉड और साइबर क्राइम किसी सीमा को नहीं मानते। ऐसे में इनसे मुकाबले के लिए एक वैश्विक फ्रेमवर्क तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने ऐसा तंत्र विकसित करने पर जोर दिया, जिससे साइबर फ्रॉड को रोका जा सके।
IMC 2026 की थीम क्या है?
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 की थीम ‘Scale Without Boundaries’ रखी गई है। इस आयोजन में 5G, 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और दूसरी नई तकनीकों की झलक देखने को मिल रही है।
दुनियाभर की बड़ी टेक और टेलीकॉम कंपनियों के साथ स्टार्टअप और इंडस्ट्री से जुड़े बड़े नाम भी इस आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं।
5G से 6G तक और AI पर फोकस
IMC 2026 में इस बार सिर्फ 5G और 6G तकनीक ही चर्चा में नहीं है, बल्कि भविष्य की कई दूसरी तकनीकों पर भी जोर दिया जा रहा है। आयोजन में इस बात पर चर्चा हो रही है कि टेलीकॉम क्षेत्र को 5G से आगे 6G तक कैसे ले जाया जाए।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भारत में ही विकसित करने और इसका इस्तेमाल लोगों के हित में किस तरह किया जा सकता है, इस पर भी चर्चा हो रही है। स्टार्टअप्स अपने एआई आधारित उत्पादों और तकनीकों की झलक भी दिखा रहे हैं।
स्मार्ट मोबिलिटी और इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स का लाइव डेमोंस्ट्रेशन
इस बार इंडिया मोबाइल कांग्रेस में स्मार्ट मोबिलिटी और इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स जैसी नई तकनीकों को भी शामिल किया गया है। इन तकनीकों का प्रदर्शन और लाइव डेमोंस्ट्रेशन किया जा रहा है, जिससे भविष्य में इनके इस्तेमाल और संभावनाओं को समझना आसान होगा।
IMC 2026 को एशिया के बड़े टेक्नोलॉजी शोकेस इवेंट के तौर पर पेश किया जा रहा है। इसमें देश और दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ नए स्टार्टअप अपने उत्पाद और भविष्य में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों की झलक दिखा रहे हैं।
इवेंट में कैसे ले सकते हैं हिस्सा
IMC 2026 में जाकर नई तकनीकों को देखने और उनके डेमोंस्ट्रेशन को समझने के लिए रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। छात्रों और विजिटर्स के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया है। इवेंट में शामिल होने के लिए IMC के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल के जरिए पंजीकरण किया जा सकता है।
Navyug Samachar