
बिजनेस डेस्क : आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने का दौर शुरू हो चुका है और नौकरीपेशा लोगों के लिए इस प्रक्रिया का सबसे अहम दस्तावेज माना जाता है Form 16. हर साल लाखों कर्मचारी अपनी कंपनी से इस दस्तावेज का इंतजार करते हैं, क्योंकि टैक्स रिटर्न भरने की शुरुआत अक्सर इसी के आधार पर होती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि Form 16 क्या होता है, इसमें कौन-कौन सी जानकारी दर्ज रहती है और आईटीआर फाइलिंग में इसकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
क्या होता है Form 16?
Form 16 एक टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) प्रमाणपत्र है, जिसे नियोक्ता अपने कर्मचारियों को जारी करता है। यह दस्तावेज इस बात का प्रमाण होता है कि कर्मचारी की सैलरी से काटा गया टैक्स सरकार के खाते में जमा कर दिया गया है।
यह प्रमाणपत्र आयकर अधिनियम की धारा 192 के तहत जारी किया जाता है और इसमें पूरे वित्त वर्ष के दौरान कर्मचारी की आय और उस पर कटे टैक्स का विस्तृत ब्योरा मौजूद होता है।
दो हिस्सों में बंटा होता है Form 16
Form 16 को मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया जाता है—Part A और Part B। दोनों हिस्सों में अलग-अलग प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होती हैं।
Part A में क्या जानकारी होती है?
Form 16 के Part A में कर्मचारी और कंपनी से जुड़ी बुनियादी जानकारियां दर्ज होती हैं। इसमें कर्मचारी का पैन नंबर, कंपनी का टीएएन नंबर, वित्त वर्ष के दौरान काटे गए टीडीएस की राशि और सरकार के पास टैक्स जमा करने का विवरण शामिल रहता है।
इसके अलावा इसमें यह भी बताया जाता है कि टैक्स कब और किस तिमाही में जमा किया गया।
Part B क्यों माना जाता है सबसे अहम?
Part B को Form 16 का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसमें कर्मचारी की पूरी सैलरी संरचना का विवरण दिया जाता है। बेसिक सैलरी, विभिन्न भत्ते, कर छूट, धारा 80C और 80D के तहत मिलने वाली कटौतियां तथा कुल कर योग्य आय की जानकारी इसी भाग में दर्ज रहती है।
आईटीआर दाखिल करते समय सबसे अधिक उपयोग इसी हिस्से का होता है, क्योंकि टैक्स देनदारी की गणना का आधार यही जानकारी बनती है।
कब तक जारी करना होता है Form 16?
नियमों के अनुसार, प्रत्येक कंपनी को वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद 15 जून तक अपने कर्मचारियों को Form 16 उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारियों को 15 जून 2026 तक यह दस्तावेज मिल जाना चाहिए।
यदि किसी कर्मचारी ने एक ही वित्त वर्ष के दौरान नौकरी बदली है, तो उसे अलग-अलग नियोक्ताओं की ओर से अलग-अलग Form 16 प्राप्त हो सकते हैं।
आईटीआर फाइलिंग में क्यों जरूरी है यह दस्तावेज?
Form 16 नौकरीपेशा लोगों के लिए आईटीआर दाखिल करने की प्रक्रिया को काफी आसान बना देता है। इसमें सैलरी, टैक्स कटौती, छूट और निवेश से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही जगह उपलब्ध होती हैं, जिससे रिटर्न भरते समय गलती की संभावना कम हो जाती है।
हालांकि Form 16 के बिना भी आईटीआर दाखिल किया जा सकता है, लेकिन इसके उपलब्ध होने पर टैक्स गणना अधिक सटीक और प्रक्रिया कहीं ज्यादा आसान हो जाती है।
Navyug Samachar